दिल्ली में नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या मामला: आरोपपत्र में आरोपी की हर गतिविधि का ब्यौरा
प्रकाशित: 12-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (विसं)। दिल्ली में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस के 1,500 से अधिक पन्नों के आरोप पत्र में आरोपी कैब चालक की हर गतिविधि का ब्योरा दर्ज किया गया है। आरोप पत्र के अनुसार, आरोपी ने शव छिपाने की कोशिश में अपना ड्राइविंग लाइसेंस भूल से घटनास्थल पर ही छोड़ दिया था।
आरोप पत्र में कहा गया है कि आरोपी ने कई घंटे तक इलाके में गाड़ी घुमाई, दो सवारी रद्द कीं और फिर महरौली में उसी फुटपाथ पर लौटा, जहां 10 वर्षीय बच्ची अपने परिवार के साथ सो रही थी। पुलिस के अनुसार, बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या के बाद शव छिपाने की जल्दबाजी में आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस वहीं गिर गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची का शव जिस जगह फेंककर तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी, वहां से मिला ड्राइविंग लाइसेंस मामले में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
आरोप पत्र के अनुसार, आरोपी बाशु कुमार सिंह (29) बच्ची के अपहरण से करीब एक घंटे पहले महरौली पहुंचा था। उसने शुरु में उस फुटपाथ के पास से गाड़ी निकाली थी, जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी।
दिल्ली पुलिस करीब एक सप्ताह में अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अप्रैल में अमर कॉलोनी में वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने मामले के बाद यह दूसरा मामला है, जिसमें पुलिस ने घटपाम को साबित करने के लिए समय के साथ विस्तृत तस्वीरों का इस्तेमाल किया है।
आरोप पत्र में 89 पन्नों का मुख्य विवरण शामिल है। इसमें आरोपी की कार की तस्वीरें, बच्ची के परिवार के साथ फुटपाथ पर सोने की तस्वीरें, आरोपी के आने-जाने के रास्ते का ब्योरा और जंगल वाले इलाके में शव मिलने की जगह की तस्वीरें शामिल हैं।
आरोप पत्र में कहा गया है कि आरोपी ने कई घंटे तक इलाके में गाड़ी घुमाई, दो सवारी रद्द कीं और फिर महरौली में उसी फुटपाथ पर लौटा, जहां 10 वर्षीय बच्ची अपने परिवार के साथ सो रही थी। पुलिस के अनुसार, बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या के बाद शव छिपाने की जल्दबाजी में आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस वहीं गिर गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची का शव जिस जगह फेंककर तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी, वहां से मिला ड्राइविंग लाइसेंस मामले में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
आरोप पत्र के अनुसार, आरोपी बाशु कुमार सिंह (29) बच्ची के अपहरण से करीब एक घंटे पहले महरौली पहुंचा था। उसने शुरु में उस फुटपाथ के पास से गाड़ी निकाली थी, जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी।
दिल्ली पुलिस करीब एक सप्ताह में अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अप्रैल में अमर कॉलोनी में वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने मामले के बाद यह दूसरा मामला है, जिसमें पुलिस ने घटपाम को साबित करने के लिए समय के साथ विस्तृत तस्वीरों का इस्तेमाल किया है।
आरोप पत्र में 89 पन्नों का मुख्य विवरण शामिल है। इसमें आरोपी की कार की तस्वीरें, बच्ची के परिवार के साथ फुटपाथ पर सोने की तस्वीरें, आरोपी के आने-जाने के रास्ते का ब्योरा और जंगल वाले इलाके में शव मिलने की जगह की तस्वीरें शामिल हैं।