डमरू की गूंज और शंखनाद के बीच बाबा की शरण में PM मोदी, 14 किलोमीटर लंबे रोड शो से जीता शिवभक्तों का दिल
प्रकाशित: 29-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी कर्मभूमि काशी में आस्था और जनशक्ति का ऐसा भव्य नजारा पेश किया, जिसे देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया. अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने बनारस की सड़कों पर करीब 14 किलोमीटर लंबा रोड शो किया. यह साल 2026 का उनका पहला काशी दौरा है, जहां की जनता ने अपने सांसद का स्वागत पलकें बिछाकर किया. बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से शुरू हुआ यह काफिला जब काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर बढ़ा, तो पूरी काशी 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठी.
भक्तों का हुजूम और फूलों की बारिश
रोड शो के दौरान काशी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा. बीएलडब्ल्यू से लेकर बाबा के धाम तक के रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया. जगह-जगह मंच बनाए गए थे, जहां ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ पीएम मोदी का अभिवादन किया गया. लोग अपने घरों की छतों से गुलाब की पंखुड़ियां बरसा रहे थे. प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर जनता का प्यार स्वीकार किया. मंडुआडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर और मैदागिन जैसे प्रमुख चौराहों पर भारी भीड़ मौजूद थी, जो मोदी की एक झलक पाने के लिए घंटों से इंतजार कर रही थी.
बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष हाजिरी
रोड शो का समापन श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट पर हुआ, जहां 108 बटुकों ने सामूहिक शंखनाद के साथ प्रधानमंत्री की अगवानी की. इसके बाद पीएम मोदी मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 20 मिनट तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. पांच विद्वान पंडितों ने उन्हें विशेष अनुष्ठान कराया. पूजा के दौरान पीएम के माथे पर त्रिपुंड लगाया गया और उन्हें माला पहनाई गई. मंदिर से बाहर निकलते समय विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री को चांदी का त्रिशूल भेंट किया, जबकि मेयर ने उन्हें डमरू प्रदान किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने जोश के साथ त्रिशूल को हवा में लहराया, जिसे देख वहां मौजूद भीड़ ने जमकर नारेबाजी की.
गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात देने रवाना
काशी में अपनी भक्ति का परिचय देने के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सीधे एयरपोर्ट पहुंचे. वहां से वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हरदोई के लिए रवाना हुए. हरदोई में पीएम मोदी देश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक 'गंगा एक्सप्रेसवे' का उद्घाटन करेंगे. 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देगा. यह मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ेगा, जिससे पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के बीच की दूरी कम हो जाएगी. यह प्रोजेक्ट राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला है.
11 साल में 54वां दौरा और राजनीतिक मायने
प्रधानमंत्री का पिछले 11 साल में यह 54वां काशी दौरा है. यह आंकड़ा दिखाता है कि पीएम मोदी का अपनी संसदीय सीट से कितना गहरा जुड़ाव है. हालांकि, नवंबर 2025 के बाद वे पहली बार काशी आए हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिस समय पीएम मोदी काशी की गलियों में जनता के बीच थे, उसी समय बंगाल में दूसरे चरण का मतदान चल रहा था. ऐसे में काशी की धरती से दिया गया यह संदेश देशभर के मतदाताओं को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है. काशी की जनता के लिए यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने प्रतिनिधि के साथ आत्मीय जुड़ाव का क्षण था.
भक्तों का हुजूम और फूलों की बारिश
रोड शो के दौरान काशी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा. बीएलडब्ल्यू से लेकर बाबा के धाम तक के रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया. जगह-जगह मंच बनाए गए थे, जहां ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ पीएम मोदी का अभिवादन किया गया. लोग अपने घरों की छतों से गुलाब की पंखुड़ियां बरसा रहे थे. प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर जनता का प्यार स्वीकार किया. मंडुआडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर और मैदागिन जैसे प्रमुख चौराहों पर भारी भीड़ मौजूद थी, जो मोदी की एक झलक पाने के लिए घंटों से इंतजार कर रही थी.
बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष हाजिरी
रोड शो का समापन श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट पर हुआ, जहां 108 बटुकों ने सामूहिक शंखनाद के साथ प्रधानमंत्री की अगवानी की. इसके बाद पीएम मोदी मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 20 मिनट तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. पांच विद्वान पंडितों ने उन्हें विशेष अनुष्ठान कराया. पूजा के दौरान पीएम के माथे पर त्रिपुंड लगाया गया और उन्हें माला पहनाई गई. मंदिर से बाहर निकलते समय विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री को चांदी का त्रिशूल भेंट किया, जबकि मेयर ने उन्हें डमरू प्रदान किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने जोश के साथ त्रिशूल को हवा में लहराया, जिसे देख वहां मौजूद भीड़ ने जमकर नारेबाजी की.
गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात देने रवाना
काशी में अपनी भक्ति का परिचय देने के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सीधे एयरपोर्ट पहुंचे. वहां से वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हरदोई के लिए रवाना हुए. हरदोई में पीएम मोदी देश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक 'गंगा एक्सप्रेसवे' का उद्घाटन करेंगे. 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देगा. यह मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ेगा, जिससे पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के बीच की दूरी कम हो जाएगी. यह प्रोजेक्ट राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला है.
11 साल में 54वां दौरा और राजनीतिक मायने
प्रधानमंत्री का पिछले 11 साल में यह 54वां काशी दौरा है. यह आंकड़ा दिखाता है कि पीएम मोदी का अपनी संसदीय सीट से कितना गहरा जुड़ाव है. हालांकि, नवंबर 2025 के बाद वे पहली बार काशी आए हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिस समय पीएम मोदी काशी की गलियों में जनता के बीच थे, उसी समय बंगाल में दूसरे चरण का मतदान चल रहा था. ऐसे में काशी की धरती से दिया गया यह संदेश देशभर के मतदाताओं को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है. काशी की जनता के लिए यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने प्रतिनिधि के साथ आत्मीय जुड़ाव का क्षण था.