ब्रिक्स सम्मेलन में दिल्ली बंद नहीं होगीः यातायात पुलिस
प्रकाशित: 11-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कोई पूर्ण बंदी नहीं होगी, लेकिन उन सड़कों पर कुछ वक्त के लिए यातायात को रोकने, मार्ग परिवर्तन और प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं जहां से अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) की गाड़ियों का काफिला गुजरेगा।
दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि सुरक्षा आवश्यकताओं और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के आधार पर इन व्यवधानों की अवधि तय होगी। यातायात पुलिस ने 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले एक विस्तृत परामर्श जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध से लगभग 14 सितंबर तक लागू रहने की संभावना है। यातायात पुलिस ने कहा कि अधिसूचित नियंत्रित क्षेत्रों और वीआईपी आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे, लेकिन जहां भी सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, सामान्य यातायात जारी रहेगा। पुलिस ने कहा कि नियंत्रित क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षा व्यवस्था के अधीन आवाजाही की अनुमति होगी और उन्हें वैध पहचान पत्र तथा पते का प्रमाण साथ रखने एवं वहां तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा कि वीआईपी आवाजाही के दौरान यातायात रोकने की कोई निश्चित अवधि नहीं है। सुरक्षा आवश्यकताओं और मौके की स्थिति के आधार पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है या मार्ग बदला जा सकता है। शहर में बुधवार शाम को इस व्यवधान की एक झलक तब देखने को मिली जब गाड़ियों के काफिले की आवाजाही की 'रिहर्सल' के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। उनका दावा है कि चंद मिनटों में पूरे होने वाले रास्ते को तय करने में घंटों का वक्त लग रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहनों के काफिले की आवाजाही की रिहर्सल से पहले बुधवार को एक परामर्श जारी कर शहर की 35 से अधिक सड़कों पर मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी। प्रभावित होने वाली प्रमुख सड़कों में मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। इसका प्रभाव विशेष रूप से नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ द्वारका और पश्चिम दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की उनके साकेत स्थित होटल और मध्य दिल्ली के बीच आवाजाही से दक्षिण दिल्ली के पहले से ही जाम लगने वाले हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर व्यस्त घंटों के दौरान। यातायात पुलिस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था और प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की जगह को मध्य दिल्ली में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था। शिखर सम्मेलन की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवधानों का आकलन करते समय शिखर सम्मेलन के पैमाने को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, क्योंकि भारत ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 भागीदार देशों के नेताओं के साथ-साथ अन्य आमंत्रित प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी कर रहा है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि सुरक्षा आवश्यकताओं और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के आधार पर इन व्यवधानों की अवधि तय होगी। यातायात पुलिस ने 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले एक विस्तृत परामर्श जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध से लगभग 14 सितंबर तक लागू रहने की संभावना है। यातायात पुलिस ने कहा कि अधिसूचित नियंत्रित क्षेत्रों और वीआईपी आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे, लेकिन जहां भी सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, सामान्य यातायात जारी रहेगा। पुलिस ने कहा कि नियंत्रित क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षा व्यवस्था के अधीन आवाजाही की अनुमति होगी और उन्हें वैध पहचान पत्र तथा पते का प्रमाण साथ रखने एवं वहां तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा कि वीआईपी आवाजाही के दौरान यातायात रोकने की कोई निश्चित अवधि नहीं है। सुरक्षा आवश्यकताओं और मौके की स्थिति के आधार पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है या मार्ग बदला जा सकता है। शहर में बुधवार शाम को इस व्यवधान की एक झलक तब देखने को मिली जब गाड़ियों के काफिले की आवाजाही की 'रिहर्सल' के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। उनका दावा है कि चंद मिनटों में पूरे होने वाले रास्ते को तय करने में घंटों का वक्त लग रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहनों के काफिले की आवाजाही की रिहर्सल से पहले बुधवार को एक परामर्श जारी कर शहर की 35 से अधिक सड़कों पर मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी। प्रभावित होने वाली प्रमुख सड़कों में मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। इसका प्रभाव विशेष रूप से नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ द्वारका और पश्चिम दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की उनके साकेत स्थित होटल और मध्य दिल्ली के बीच आवाजाही से दक्षिण दिल्ली के पहले से ही जाम लगने वाले हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर व्यस्त घंटों के दौरान। यातायात पुलिस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था और प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की जगह को मध्य दिल्ली में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था। शिखर सम्मेलन की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवधानों का आकलन करते समय शिखर सम्मेलन के पैमाने को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, क्योंकि भारत ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 भागीदार देशों के नेताओं के साथ-साथ अन्य आमंत्रित प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी कर रहा है।