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अधिवक्ताओं और उनके परिजनों के लिए कांग्रेस विधि विभाग की बड़ी मानवीय पहल

प्रकाशित: 11-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग ने प्रदेश के अधिवक्ताओं एवं उनके परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण एवं मानवीय पहल करते हुए ‘अधिवक्ता चिकित्सा सेवार्थ सहयोग समिति' का गठन किया है। समिति का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न जनपदों से गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में लखनऊ आने वाले अधिवक्ताओं एवं उनके परिवारजनों को आवश्यक चिकित्सा मार्गदर्शन, अस्पताल संबंधी जानकारी तथा यथासंभव समन्वय एवं सहयोग उपलब्ध कराना है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन एडवोकेट अली आस़िफ ज़मा रिज़वी ने समिति के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के जनपदों से जब किसी अधिवक्ता अथवा उनके परिवार के सदस्य को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाता है, तो अस्पताल, चिकित्सक, उपचार की प्रािढया तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में मरीज और उनके परिजनों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बीमारी और संकट की घड़ी में किसी अधिवक्ता साथी को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके परिवारों की कठिन परिस्थितियों में उनके साथ खड़ा होना हमारी सामाजिक एवं मानवीय जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ कांग्रेस विधि विभाग ने यह पहल शुरू की है। एडवोकेट रिज़वी ने बताया कि समिति के प्रदेश कोऑर्डिनेटर के रूप में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश महासचिव एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच के अधिवक्ता एडवोकेट मनोज मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति में एडवोकेट सत्य प्रकाश पाण्डेय, एडवोकेट संजय कुमार वर्मा, एडवोकेट उमेश कुमार श्रीवास्तव एवं एडवोकेट असीम सामंत को सदस्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी जनपद में यदि किसी अधिवक्ता साथी अथवा उनके परिवार के सदस्य को गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न होती है और उन्हें उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया जाता है, तो समिति द्वारा उन्हें अस्पताल एवं चिकित्सा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा संबंधित स्तर पर आवश्यक समन्वय एवं यथासंभव सहायता प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। अली आस़िफ ज़मा रिज़वी ने कहा कि यह केवल एक समिति का गठन नहीं, बल्कि अधिवक्ता समाज के प्रति कांग्रेस विधि विभाग की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संकल्प है।