मैं लोगों का पैसा लोगों पर खर्च कर रहा हूं, लेकिन तकलीफ विरोधियों को हो रही हैः मान
प्रकाशित: 30-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मोहाली (साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर), (पवन आश्री)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी पार्टी की सरकार के जनकल्याण और विकास कार्यों का विरोध करने पर विपक्षी पार्टियों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो योजनाएँ लोगों को मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विकास दे रही हैं, वे अब उन लोगों को तकलीफ दे रही हैं जो खुद दशकों तक सत्ता में रहे। मोहाली के गांव बड़माजरा में लोक मिलनी कार्पाम के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों के दौरान सरकारें बार-बार बदलीं, लेकिन पंजाब के लोगों की किस्मत नहीं बदली, जबकि उनकी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों का पैसा अब सीधे लोगों की भलाई के लिए खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में वापसी के बाद कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की विरोधियों की धमकियाँ सफल नहीं होंगी, क्योंकि पंजाब के लोग न तो उन्हें दूसरा मौका देंगे और न ही जनकल्याण की योजनाओं को बंद होने देंगे।
अपने एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: "मोहाली के गांव बड़माजरा में लोक मिलनी के दौरान आपसे जो प्यार और विश्वास मिला है, वह मेरे लिए बहुत बड़ी ताकत है। मैंने हमेशा कहा है कि सरकार कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेहत, शिक्षा, रोजगार और विकास के लिए होती है। आज पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखा है। सरकारी स्कूलों के नीट क्लियर करने वाले छात्रों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर अब 882 हो गई है। पंजाब के 90ज्ञ् घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 42 लाख परिवारों के स्वास्थ्य योजना कार्ड बनाए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा, आज बड़माजरा के विकास के लिए 50 लाख रुपये का चेक दिया गया है, जबकि गांव में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले से ही चल रहे हैं। यह आपके टैक्स का पैसा है और यह आप पर ही खर्च किया जा रहा है। यही फर्क है: हम लोगों की बात करते हैं, सिर्फ कुर्सी की नहीं। आपका प्यार ऐसे ही बना रहे और पंजाब दिन-दुगुनी रात-चौगुनी तरक्की करता रहे। इंकलाब जिंदाबाद।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "परंपरागत पार्टियों के बारी-बारी से सत्ता में आने और एक-दूसरे के गलत कामों पर पर्दा डालने का दौर अब खत्म हो गया है, क्योंकि लोगों ने अब 'आप' को सूबे की तस्वीर बदलने की जिम्मेदारी सौंपी है। पंजाब के समझदार लोग कांग्रेस, अकालियों और भाजपा को उनके पंजाब विरोधी रोल के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनावों में उन्हें राजनीतिक गुमनामी में भेज दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, इन लोगों ने अपने राज के दौरान हमेशा एक-दूसरे के हितों की रक्षा की है। वे दिन गए जब ये पार्टियाँ 'उत्तर काटो, मैं चढ़ाँ' की खेल खेलती थीं और सत्ता की अपनी बारी का इंतजार करती थीं। उन्होंने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिससे उनके कृत्य कभी सामने नहीं आए।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब लोगों ने 'आप' को चुना है और इस पार्टी का चुनाव चिह्न झाड़ू सूबे की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है। वह दिन दूर नहीं, जब अकाली अपने गुनाहों की सजा भुगतने के लिए जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
नशे की बीमारी का पा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "परंपरागत राजनीतिक पार्टियों ने पंजाब की जवानी का न भरने वाला नुकसान किया है। लोग जानते हैं कि नशे के कारोबार के जरिए हजारों नौजवानों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार है। अगर ये पार्टियाँ फिर से सत्ता में आईं तो ये पंजाब और इसके लोगों का शोषण करने के लिए एक बार फिर ताकत का दुरुपयोग करेंगी।
अकाली दल के नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने उम्र भर आराम और सुरक्षित माहौल में समय बिताया है। वे पंजाब के एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं, जिन्हें सूबे की भौगोलिक स्थिति की बुनियादी समझ भी नहीं है, लेकिन वे पंजाब में राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। बाकी सब छोड़ो, पंजाब के इस पूर्व उपमुख्यमंत्री को सूबे की मूल फसलों में भी फर्क नहीं पता, क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों की बहुत कम जानकारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, अकालियों ने नशे के कारोबार को संरक्षण देकर पंजाब की पीढ़ियों का शोषण किया है। उन्होंने न केवल नशे के कारोबार की संरक्षण की, बल्कि रिपोर्टों के अनुसार नशा बेचने या वितरित करने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग भी किया। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का उपयोग करके हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुँचाई है, जो कि एक अक्षम्य अपराध है।
अकाली दल द्वारा भाजपा के साथ फिर से गठबंधन करने की कोशिशों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब भाजपा के साथ गठबंधन के लिए उतावला कर रहा है, जिसके हाथ काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए 700 से अधिक किसानों के खून से रंगे हुए हैं। अकाली-भाजपा गठबंधन किसी विचारधारा या जनकल्याण के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ सूबे पर सत्ता हथियाने के मकसद से किया जा रहा है।
अपने एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: "मोहाली के गांव बड़माजरा में लोक मिलनी के दौरान आपसे जो प्यार और विश्वास मिला है, वह मेरे लिए बहुत बड़ी ताकत है। मैंने हमेशा कहा है कि सरकार कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेहत, शिक्षा, रोजगार और विकास के लिए होती है। आज पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखा है। सरकारी स्कूलों के नीट क्लियर करने वाले छात्रों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर अब 882 हो गई है। पंजाब के 90ज्ञ् घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 42 लाख परिवारों के स्वास्थ्य योजना कार्ड बनाए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा, आज बड़माजरा के विकास के लिए 50 लाख रुपये का चेक दिया गया है, जबकि गांव में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले से ही चल रहे हैं। यह आपके टैक्स का पैसा है और यह आप पर ही खर्च किया जा रहा है। यही फर्क है: हम लोगों की बात करते हैं, सिर्फ कुर्सी की नहीं। आपका प्यार ऐसे ही बना रहे और पंजाब दिन-दुगुनी रात-चौगुनी तरक्की करता रहे। इंकलाब जिंदाबाद।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "परंपरागत पार्टियों के बारी-बारी से सत्ता में आने और एक-दूसरे के गलत कामों पर पर्दा डालने का दौर अब खत्म हो गया है, क्योंकि लोगों ने अब 'आप' को सूबे की तस्वीर बदलने की जिम्मेदारी सौंपी है। पंजाब के समझदार लोग कांग्रेस, अकालियों और भाजपा को उनके पंजाब विरोधी रोल के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनावों में उन्हें राजनीतिक गुमनामी में भेज दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, इन लोगों ने अपने राज के दौरान हमेशा एक-दूसरे के हितों की रक्षा की है। वे दिन गए जब ये पार्टियाँ 'उत्तर काटो, मैं चढ़ाँ' की खेल खेलती थीं और सत्ता की अपनी बारी का इंतजार करती थीं। उन्होंने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिससे उनके कृत्य कभी सामने नहीं आए।
मुख्यमंत्री ने कहा, अब लोगों ने 'आप' को चुना है और इस पार्टी का चुनाव चिह्न झाड़ू सूबे की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है। वह दिन दूर नहीं, जब अकाली अपने गुनाहों की सजा भुगतने के लिए जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
नशे की बीमारी का पा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "परंपरागत राजनीतिक पार्टियों ने पंजाब की जवानी का न भरने वाला नुकसान किया है। लोग जानते हैं कि नशे के कारोबार के जरिए हजारों नौजवानों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार है। अगर ये पार्टियाँ फिर से सत्ता में आईं तो ये पंजाब और इसके लोगों का शोषण करने के लिए एक बार फिर ताकत का दुरुपयोग करेंगी।
अकाली दल के नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने उम्र भर आराम और सुरक्षित माहौल में समय बिताया है। वे पंजाब के एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं, जिन्हें सूबे की भौगोलिक स्थिति की बुनियादी समझ भी नहीं है, लेकिन वे पंजाब में राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। बाकी सब छोड़ो, पंजाब के इस पूर्व उपमुख्यमंत्री को सूबे की मूल फसलों में भी फर्क नहीं पता, क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों की बहुत कम जानकारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, अकालियों ने नशे के कारोबार को संरक्षण देकर पंजाब की पीढ़ियों का शोषण किया है। उन्होंने न केवल नशे के कारोबार की संरक्षण की, बल्कि रिपोर्टों के अनुसार नशा बेचने या वितरित करने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग भी किया। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का उपयोग करके हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुँचाई है, जो कि एक अक्षम्य अपराध है।
अकाली दल द्वारा भाजपा के साथ फिर से गठबंधन करने की कोशिशों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब भाजपा के साथ गठबंधन के लिए उतावला कर रहा है, जिसके हाथ काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए 700 से अधिक किसानों के खून से रंगे हुए हैं। अकाली-भाजपा गठबंधन किसी विचारधारा या जनकल्याण के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ सूबे पर सत्ता हथियाने के मकसद से किया जा रहा है।