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बेटियां उठायेंगी नशे के विरुद्ध मशाल डॉ. धन सिंह रावत

प्रकाशित: 30-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
देहरादून,(वीअ)। सूबे के युवाओं को नशे की लत से दूर रखने व उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने लिये प्रदेशभर में 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में प्रदेश की बेटियां नशे के विरुद्ध जागरूकता की मशाल थामेगी। अभियान के दौरान प्रदेशभर के सभी शिक्षण संस्थानों में युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी तथा आमजन को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज एम.के.पी. पी.जी. कॉलेज, देहरादून से नशे के विरुद्ध 100 दिवसीय महाभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य को प्रभावित करने के साथ-साथ समाज को भी भीतर से खोखला करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिये निरंतर जागरूकता एवं जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है।
डॉ. रावत ने कहा कि एमकेपी पीजी कॉलेज से इस महाभियान की शुरुआत करने का विशेष उद्देश्य यह है कि प्रदेश की बेटियां नशे के विरुद्ध सामाजिक जागरूकता की सशक्त वाहक बन सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति ने हमेशा अपनी शक्ति, क्षमता और सामाजिक नेतृत्व के बल पर परिवर्तन लाये हैं। ऐसे में इस महाभियान में छात्राओं की भागीदारी सबसे अहम है। डॉ. रावत ने कहा कि आगामी 100 दिनों में विभिन्न विद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के विरुद्ध व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्पाम आयोजित किये जाएंगे जिसमें छात्र-छात्राओं को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाया जाएगा।
कार्पाम के दौरान डॉ. रावत ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और इसके सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक नुकसान के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा शक्ति, मातृशक्ति, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों की एकजुट भागीदारी से नशामुक्त उत्तराखंड का संकल्प अवश्य साकार होगा।
कार्पाम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बबीता दीदी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें नशे जैसे व्यसनों के अधीन होने के बजाय अपने जीवन को सकारात्मक विचारों और स्वस्थ आदतों से मजबूत बनाना चाहिए। वहीं नीलम दीदी ने ध्यान एवं आध्यात्मिक जीवनशैली के माध्यम से मन और तन को सशक्त बनाने का संदेश छात्राओं को दिया। मानसिक चिकित्सक डॉ. रोहित गोंदवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं को इसके मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान छात्राओं ने संवाद के माध्यम से सािढय सहभागिता भी की। एमकेपी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ममता सिंह ने कहा कि जिस प्रकार एक दीपक अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार एमकेपी पीजी कॉलेज की छात्राएं नशे के अंधकार के विरुद्ध जागरूकता का दीप बनकर स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगी।