चोपड़ा, गोपीचंद ने इंडियन स्कूल ऑफ कोचिंग एक्सीलेंस की शुरुआत की
प्रकाशित: 14-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। भाला फेंक के स्टार नीरज चोपड़ा और बैडमिंटन के दिग्गज पुलेला गोपीचंद ने बृहस्पतिवार को इंडियन स्कूल ऑफ कोचिंग एक्सीलेंस (आईएससीई) की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य भारत में कोचिंग व्यवस्था और खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। आईएससीई का लक्ष्य बहुआयामी कोच विकास कार्यक्रमों के जरिए विश्वस्तरीय कोच तैयार करने पर होगा। इन कार्यक्रमों में शारीरिक साक्षरता, खेल विज्ञान, खेल शिक्षा, तकनीक और करियर विकास जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा जिससे कोच को उच्च प्रदर्शन वाले खेलों की बदलती जरूरतों से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल मिल सके।
विज्ञप्ति के अनुसार, आईएससीई सहयोग और ज्ञान साझा करने के मंच के रूप में काम करेगा तथा सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), खेल महासंघों, संघों, उच्च प्रदर्शन केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर पूरे भारत में कोचिंग उत्कृष्टता को आगे बढ़ाएगा। हाल में ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले नीरज ने कहा कि हर खिलाड़ी के सफर में कोच की अहम भूमिका होती है और देश में अच्छे कोच तैयार करने तथा उन्हें निखारने के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत है। नीरज ने कहा, मेरा दृढ़ विश्वास है कि हर खिलाड़ी के सफर को उसके कोच का मार्गदर्शन आकार देता है, ना केवल एक खिलाड़ी के रूप में बल्कि एक व्यक्ति के तौर पर भी। इसलिए भारत में खेल नायकों की अगली पीढ़ी तैयार करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हमारे कोच को विश्वस्तरीय शिक्षा, मार्गदर्शन तथा खेल विज्ञान और खिलाड़ी विकास की नवीनतम जानकारी उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा, इंडियन स्कूल ऑफ कोचिंग एक्सीलेंस के जरिए नीरज चोपड़ा फाउंडेशन ऐसा माहौल तैयार करना चाहता है, जहां कोच लगातार सीखते रहें, खुद को विकसित करें और खिलाड़ियों की पीढ]ियों को उनकी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए प्रेरित करें।
द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित और कोचिंग उत्कृष्टता के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) से प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वाले गोपीचंद ने कहा कि आईएससीई भारतीय कोच के कौशल में सुधार के लिए वैश्विक विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा।
गोपीचंद ने कहा, भारतीय खेल का भविष्य उस पारिस्थितिकी तंत्र से तय होगा जिसे हम तैयार करते हैं। कोच इस व्यवस्था के केंद्र में हैं। आईएससीई हमारा ऐसा प्रयास है जो वैश्विक सर्वेत्तम तौर-तरीकों को भारतीय अनुभव के साथ जोड़कर कोच को लगातार अपने कौशल को निखारने, सहयोग करने और आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने का मंच देगा।
उन्होंने कहा, हमें विश्वास है कि यह पहल भारतीय खेल के अगले अध्याय को आकार देने में सार्थक भूमिका निभा सकती है।
गोपीचंद ने ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल, पीवी सिंधू और पूर्व पुरुष विश्व नंबर एक किदांबी श्रीकांत सहित कई शीर्ष खिलाड़ियों को कोचिंग दी है।
विज्ञप्ति के अनुसार, आईएससीई सहयोग और ज्ञान साझा करने के मंच के रूप में काम करेगा तथा सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), खेल महासंघों, संघों, उच्च प्रदर्शन केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर पूरे भारत में कोचिंग उत्कृष्टता को आगे बढ़ाएगा। हाल में ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले नीरज ने कहा कि हर खिलाड़ी के सफर में कोच की अहम भूमिका होती है और देश में अच्छे कोच तैयार करने तथा उन्हें निखारने के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत है। नीरज ने कहा, मेरा दृढ़ विश्वास है कि हर खिलाड़ी के सफर को उसके कोच का मार्गदर्शन आकार देता है, ना केवल एक खिलाड़ी के रूप में बल्कि एक व्यक्ति के तौर पर भी। इसलिए भारत में खेल नायकों की अगली पीढ़ी तैयार करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हमारे कोच को विश्वस्तरीय शिक्षा, मार्गदर्शन तथा खेल विज्ञान और खिलाड़ी विकास की नवीनतम जानकारी उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा, इंडियन स्कूल ऑफ कोचिंग एक्सीलेंस के जरिए नीरज चोपड़ा फाउंडेशन ऐसा माहौल तैयार करना चाहता है, जहां कोच लगातार सीखते रहें, खुद को विकसित करें और खिलाड़ियों की पीढ]ियों को उनकी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए प्रेरित करें।
द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित और कोचिंग उत्कृष्टता के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) से प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वाले गोपीचंद ने कहा कि आईएससीई भारतीय कोच के कौशल में सुधार के लिए वैश्विक विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा।
गोपीचंद ने कहा, भारतीय खेल का भविष्य उस पारिस्थितिकी तंत्र से तय होगा जिसे हम तैयार करते हैं। कोच इस व्यवस्था के केंद्र में हैं। आईएससीई हमारा ऐसा प्रयास है जो वैश्विक सर्वेत्तम तौर-तरीकों को भारतीय अनुभव के साथ जोड़कर कोच को लगातार अपने कौशल को निखारने, सहयोग करने और आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने का मंच देगा।
उन्होंने कहा, हमें विश्वास है कि यह पहल भारतीय खेल के अगले अध्याय को आकार देने में सार्थक भूमिका निभा सकती है।
गोपीचंद ने ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल, पीवी सिंधू और पूर्व पुरुष विश्व नंबर एक किदांबी श्रीकांत सहित कई शीर्ष खिलाड़ियों को कोचिंग दी है।