स्पेन बना फुटबाल का नया विश्व चैम्पियन
प्रकाशित: 21-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ईस्ट रदरफोर्ड , (एपी)। फेरान टोरेस का इस विश्व कप का इकलौता गोल उनके जीवन का सबसे अनमोल गोल बन गया जिसके दम पर स्पेन ने लियोनेल मेस्सी की अर्जेंटीना को हराकर 16 साल बाद फिर विश्व फुटबॉल की बादशाहत हासिल कर ली।
मेस्सी का उनके आखिरी विश्व कप में लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 106वें मिनट में यह गोल दागकर स्पेन को 1.0 से जीत दिलाई। पूरे टूर्नामेंट में आखिरी मिनटों में चमत्कारिक वापसी करती आई अर्जेंटीना उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी। निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।टोरेस ने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके। यह 2010 के बाद स्पेन का दूसरा विश्व खिताब है। टूर्नामेंट में आ" मैचों में सिर्फ एक गोल गंवाने वाली स्पेन ने चैम्पियन द्वारा सबसे कम गोल गंवाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। स्पेन की महिला फुटबॉल टीम ने भी 2023 में विश्व कप जीता था और स्पेन एक ही साथ महिला और पुरूष फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन गया। स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये। स्पेन अब पिछले 38 मैचों से अपराजेय है जिसमें उसने 29 मैच जीते और नौ ड्रॉ खेले। यह किसी यूरोपीय टीम का अपराजेय रहने का सबसे बड़ा सिलसिला है।
इससे पहले इटली ने अक्टूबर 2018 से सितंबर 2021 के बीच 37 मैचों में हार का सामना नहीं किया था। अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पड़ा जब दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में उन्हें दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया। उन्हें स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबारासी से खतरनाक ढंग से टकराने के कारण कार्ड मिला। अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की मेजबानी में 48 टीमों के इस सबसे बड़े विश्व कप का यह 104वां मैच था।इसे देखने के लिये टॉम क्रूज, ब्रैड पिट, जेनिफर हडसन, डेनियल क्रेग, जेनिफर कोनोली जैसे हॉलीवुड सितारे मौजूद थे जबकि काका, जिनेदीन जिदान, डेविड बैकहम, दिदियेर ड्रोग्बा, रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो जैसे दिग्गज पूर्व फुटबॉलर भी दर्शक दीर्घा में थे। मेटलाइफ स्टेडियम के भीतर 80000 दर्शकों के अलावा दुनिया भर में अरबों लोगों ने इसे देखा। और स्पेन ने निराश नहीं किया। मेस्सी के प्रशंसकों का दिल जरूर टूट गया।
मेस्सी का उनके आखिरी विश्व कप में लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 106वें मिनट में यह गोल दागकर स्पेन को 1.0 से जीत दिलाई। पूरे टूर्नामेंट में आखिरी मिनटों में चमत्कारिक वापसी करती आई अर्जेंटीना उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी। निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।टोरेस ने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके। यह 2010 के बाद स्पेन का दूसरा विश्व खिताब है। टूर्नामेंट में आ" मैचों में सिर्फ एक गोल गंवाने वाली स्पेन ने चैम्पियन द्वारा सबसे कम गोल गंवाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। स्पेन की महिला फुटबॉल टीम ने भी 2023 में विश्व कप जीता था और स्पेन एक ही साथ महिला और पुरूष फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन गया। स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये। स्पेन अब पिछले 38 मैचों से अपराजेय है जिसमें उसने 29 मैच जीते और नौ ड्रॉ खेले। यह किसी यूरोपीय टीम का अपराजेय रहने का सबसे बड़ा सिलसिला है।
इससे पहले इटली ने अक्टूबर 2018 से सितंबर 2021 के बीच 37 मैचों में हार का सामना नहीं किया था। अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पड़ा जब दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में उन्हें दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया। उन्हें स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबारासी से खतरनाक ढंग से टकराने के कारण कार्ड मिला। अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की मेजबानी में 48 टीमों के इस सबसे बड़े विश्व कप का यह 104वां मैच था।इसे देखने के लिये टॉम क्रूज, ब्रैड पिट, जेनिफर हडसन, डेनियल क्रेग, जेनिफर कोनोली जैसे हॉलीवुड सितारे मौजूद थे जबकि काका, जिनेदीन जिदान, डेविड बैकहम, दिदियेर ड्रोग्बा, रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो जैसे दिग्गज पूर्व फुटबॉलर भी दर्शक दीर्घा में थे। मेटलाइफ स्टेडियम के भीतर 80000 दर्शकों के अलावा दुनिया भर में अरबों लोगों ने इसे देखा। और स्पेन ने निराश नहीं किया। मेस्सी के प्रशंसकों का दिल जरूर टूट गया।