आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत के साथ सकारात्मक बातचीत कर रहा रूस
प्रकाशित: 14-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मास्को, (भाषा)। रूस आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत सहित कई देशों के साथ सार्थक बातचीत कर रहा है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्" अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सरकारी समाचार एजेंसी तास की खबर के अनुसार, चौथे आर्कटिक-रीजन फोरम में रूस के विदेश मंत्रालय के यूरोपीय समस्याओं से जुड़े विभाग के निदेशक व्लादिस्लाव मास्लेनिकोव ने कहा कि रूस के साथ उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में सहयोग करने के इच्छुक देशों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मास्लेनिकोव ने कहा, चीन और भारत के साथ सबसे सार्थक संवाद आगे बढ़ रहा है। दोनों देश न केवल आर्कटिक से जुड़े मुद्दों में रुचि दिखाते हैं बल्कि इस क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं और योजनाओं को लागू करने के लिए व्यापक संसाधन भी रखते हैं।
आर्कटिक क्षेत्र को 66 डिग्री उत्तरी अक्षांश के ऊपर का इलाका माना जाता है।
यह क्षेत्र और अंटार्कटिक क्षेत्र में मिलकर पृथ्वी की करीब 90 प्रतिशत बर्फ की चादर है और इनमें दुनिया के करीब 70 प्रतिशत मी"s पानी का भंडार है।
आर्कटिक चारों ओर भूमि से घिरा समुद्र है जबकि अंटार्कटिका चारों ओर समुद्र से घिरा भू-भाग है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक दिन पहले एक बयान में कहा था कि रूस के मित्र भारत और चीन समेत अन्य देश आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग तथा उत्तरी समुद्री मार्ग के इस्तेमाल को लेकर रुचि दिखा रहे हैं और उसके (रूस के) साथ काम करना चाहते हैं, जिसके बाद मास्लेनिकोव की यह टिप्पणी आई है।
सरकारी समाचार एजेंसी तास की खबर के अनुसार, चौथे आर्कटिक-रीजन फोरम में रूस के विदेश मंत्रालय के यूरोपीय समस्याओं से जुड़े विभाग के निदेशक व्लादिस्लाव मास्लेनिकोव ने कहा कि रूस के साथ उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में सहयोग करने के इच्छुक देशों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मास्लेनिकोव ने कहा, चीन और भारत के साथ सबसे सार्थक संवाद आगे बढ़ रहा है। दोनों देश न केवल आर्कटिक से जुड़े मुद्दों में रुचि दिखाते हैं बल्कि इस क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं और योजनाओं को लागू करने के लिए व्यापक संसाधन भी रखते हैं।
आर्कटिक क्षेत्र को 66 डिग्री उत्तरी अक्षांश के ऊपर का इलाका माना जाता है।
यह क्षेत्र और अंटार्कटिक क्षेत्र में मिलकर पृथ्वी की करीब 90 प्रतिशत बर्फ की चादर है और इनमें दुनिया के करीब 70 प्रतिशत मी"s पानी का भंडार है।
आर्कटिक चारों ओर भूमि से घिरा समुद्र है जबकि अंटार्कटिका चारों ओर समुद्र से घिरा भू-भाग है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक दिन पहले एक बयान में कहा था कि रूस के मित्र भारत और चीन समेत अन्य देश आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग तथा उत्तरी समुद्री मार्ग के इस्तेमाल को लेकर रुचि दिखा रहे हैं और उसके (रूस के) साथ काम करना चाहते हैं, जिसके बाद मास्लेनिकोव की यह टिप्पणी आई है।