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भारत में माल ढुलाई के परिदृश्य को बदल रहे हैं डायरेक्ट फ्रेट कॉरिडोर

प्रकाशित: 09-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (वीअ)। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के चालू होने से देश भर के प्रमुख औद्योगिक, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच उच्च क्षमता, तेज, अधिक कुशल और विश्वसनीय रेल कनेक्टिविटी प्रदान करके भारत के माल ढुलाई नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है।
मौजूदा डीएफसी नेटवर्क में दो मुख्य गलियारे शामिल ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी), जो मिलकर लगभग 2,843 किलोमीटर तक फैले हैं। 1,337 किलोमीटर लंबा ईडीएफसी पंजाब के न्यू साहनेवाल से शुरू होकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार के न्यू सोननगर तक जाता है। वहीं, 1,506 किलोमीटर लंबा डब्ल्यूडीएफसी उत्तर प्रदेश के न्यू दादरी से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र के न्यू जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) तक पहुँचता है। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में तीसरे कॉरिडोर की भी घोषणा की गई, जो पश्चिम बंगाल के दानकुनी को झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रास्ते गुजरात से जोड़ेगा। प्रस्तावित कॉरिडोर देश के डेडिकेटेड रेल फ्रेट नेटवर्क का विस्तार करेगा और प्रमुख औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।