वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

लागत से नीचे दाम पर बिकवाली से सोयाबीन तेल में गिरावट

प्रकाशित: 09-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली करने से शनिवार को सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट रही। दूसरी ओर, मांग बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन और बिनौला तेल के दाम में सुधार रहा। शनिवार के सुस्त कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम स्थिर रहे। बाजार सूत्रों के अनुसार, सोयाबीन का तेल अभी सबसे सस्ता है और इस कारण आगामी त्योहारों के लिए इसकी मांग है। लेकिन विदेशों में दाम मजबूत होने के बावजूद यहां आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर की जा रही बिकवाली से सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि खाद्यतेल की अपनी लगभग आधी जरुरतों के लिए आयात पर निर्भर देश में फिलहाल सबसे सस्ता सोयाबीन तेल लागत से भी नीचे दाम पर बिके, यह सोचनीय है। इसे दुरुस्त करने की ओर ध्यान दिया जाना चाहिये। सूत्रों ने कहा कि बिनौले की नगण्य उपलब्धता के बीच मूंगफली तेल की मांग बढी है। इस वजह से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया। वहीं सोयाबीन की आवक घटकर आज लगभग 60 हजार बोरी रह जाने और मांग होने के कारण सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार आया। उल्लेखनीय है कि सोयाबीन की दैनिक मांग लगभग 2.5-3 लाख बोरी की है।
मामूली उपलब्धता के बीच औद्योगिक मांग बढ़ने से बिनौला तेल में भी सुधार आया।
शनिवार की वजह से अधिकांश बहुराष्ट्रीय कंपनियां बंद रहती हैं और कामकाज सुस्त रहता है। सुस्त कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन, पाम-पामोलीन के दाम स्थिर रहे।