दिल्ली सरकार के मेगा प्लांटेशन अभियान से जुड़ी दिल्ली पुलिस
प्रकाशित: 18-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, जनभागीदारी के माध्यम से राजधानी के पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, माननीय पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज दिल्ली रिज के पीबीजी ग्राउंड में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ एक बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान का नेतृत्व किया। इस कार्पाम में दिल्ली पुलिस कमिश्नर श्री सतीश गोलचा, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के इस ग्रीन अभियान के तहत पौधे लगाने के लिए हाथ मिलाया।
यह मेगा वृक्षारोपण अभियान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हरित अभियान एक पेड़ माँ के नाम से प्रेरित है, जो पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ माताओं को एक भावुक श्रद्धांजलि देने की एक अनूठी पहल है। इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली इस समय अपने सबसे बड़े पौधारोपण अभियानों में से एक की गवाह बन रही है, जिसके तहत इस साल पूरे शहर में 70 लाख पेड़ और पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृष्टिकोण से प्रेरित पारिस्थितिकी-पुनर्स्थापना कार्पाम के हिस्से के रूप में, दिल्ली के पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करने के लिए रिज और अन्य चिन्हित हरित क्षेत्रों में 15 लाख पेड़ और पौधे लगाए जा रहे हैं।
श्री सिरसा ने कहा, माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लगाए गए हर पेड़ की जियो-टैगिंग के माध्यम से वैज्ञानिक रूप से निगरानी की जाए और लंबे समय तक उसकी देखभाल की जाए। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी हरित विरासत का निर्माण कर रहे हैं, न कि केवल पौधों की संख्या बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने आगे बताया कि दिल्ली सरकार ने एक व्यापक 10-वर्षीय पौधारोपण रणनीति तैयार की है, जिसका मुख्य फोकस स्थानीय प्रजातियों के साथ हरित क्षेत्र को बढ़ाना है जो अधिक ऑक्सीजन पैदा करती हैं, अधिक छाया देती हैं, जिन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है और जो प्रदूषण को कम करने में मदद करती हैं। इस अभियान के तहत लगाए जा रहे हर पौधे की जियो-टैगिंग की जा रही है ताकि वैज्ञानिक निगरानी और पौधों का लंबे समय तक जीवित रहना सुनिश्चित किया जा सके। मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, हमारे गुरु साहिबान ने भी हमें प्रकृति संरक्षण का अमूल्य संदेश दिया है। श्री गुरु नानक देव जी ने कहा है, 'पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत' अर्थात हवा गुरु के समान है, पानी पिता के समान है और धरती हमारी माता है। गुरु ग्रंथ साहिब का यह संदेश हमें प्रकृति का सम्मान करने, इसे स्वच्छ रखने और इसकी सेवा व रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।
आज लगाया गया एक पौधा केवल एक पेड़ नहीं है, बल्कि यह हमारे बच्चों और हमारे शहर के सुरक्षित भविष्य की एक मजबूत नींव है।
इस पौधारोपण अभियान में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखी जा रही है, जिसमें न्यायपालिका , 70 से अधिक देशों के राजनयिक, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक संगठन और नागरिक समूह शामिल हैं, जो पर्यावरण संरक्षण को एक वास्तविक जन आंदोलन बनाने के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाता है। राजधानी के लंबे समय से चले आ रहे कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के दिल्ली सरकार के समानांतर मिशन पर प्रकाश डालते हुए, माननीय मंत्री श्री सिरसा ने इसे शहर में शुरू किए गए सबसे बड़े पर्यावरण सुधार कार्यों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में दिल्ली का लगभग 60 प्रतिशत पुराना कचरा साफ किया जा चुका है, जिससे भूमि के बड़े हिस्से को वापस हासिल किया गया है, जिन्हें अब पौधारोपण और पारिस्थितिक बहाली के माध्यम से हरित क्षेत्रों में बदला जा रहा है। माननीय मंत्री श्री सिरसा ने आगे कहा कि दिल्ली में वर्तमान में हर दिन लगभग 13,000 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, इसके अलावा रोजाना 30,000 से 35,000 मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट को प्रोसेस किया जा रहा है। श्री सिरसा ने पूरे शहर में कचरा प्रबंधन वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने में दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की, जिससे सरकार के बड़े पैमाने पर चल रहे पर्यावरण संरक्षण प्रयास बिना किसी बाधा के जारी रह सके। उन्होंने उल्लेख किया कि हर दिन लगभग 50,000 मीट्रिक टन कचरे का प्रबंधन किया जा रहा है, जो इसे दुनिया के सबसे व्यापक शहरी कचरा प्रबंधन कार्यों में से एक बनाता है।
श्री सिरसा ने कहा, राजधानी के वर्षों पुराने कूड़े के पहाड़ों को साफ करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि नए पेड़ लगाना। जहाँ हम हर दिन हजारों टन कचरे को साफ कर रहे हैं और उन जगहों को हरित क्षेत्रों में बदल रहे हैं, वहीं हम साथ ही साथ शहर के ग्रीन कवर का भी विस्तार कर रहे हैं। वैज्ञानिक कचरा निपटान और बड़े पैमाने पर पौधारोपण के ये दोनों मिशन मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त दिल्ली की नींव रख रहे हैं।
श्री सिरसा ने दिल्ली के चल रहे वेस्ट मैनेजमेंट कार्पाम के हिस्से के रूप में हर दिन हजारों टन कचरे की आवाजाही को सुगम बनाने में दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस द्वारा निभाई गई भूमिका की भी सराहना की।
श्री सिरसा ने कहा, मैं इस मिशन में शामिल होने के लिए दिल्ली पुलिस के कमिश्नर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और प्रत्येक पुलिस कर्मी को धन्यवाद देता हूं। जिस तरह दिल्ली पुलिस इस शहर के लोगों की सुरक्षा करती है, उसी तरह हमें मिलकर अपने द्वारा लगाए गए हर पेड़ की भी सुरक्षा करनी होगी। पर्यावरण संरक्षण तभी सफल हो सकता है जब यह हर नागरिक और हर संस्थान की साझा जिम्मेदारी बन जाए।
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, जनभागीदारी के माध्यम से राजधानी के पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, माननीय पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज दिल्ली रिज के पीबीजी ग्राउंड में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ एक बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान का नेतृत्व किया। इस कार्पाम में दिल्ली पुलिस कमिश्नर श्री सतीश गोलचा, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के इस ग्रीन अभियान के तहत पौधे लगाने के लिए हाथ मिलाया।
यह मेगा वृक्षारोपण अभियान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हरित अभियान एक पेड़ माँ के नाम से प्रेरित है, जो पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ माताओं को एक भावुक श्रद्धांजलि देने की एक अनूठी पहल है। इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली इस समय अपने सबसे बड़े पौधारोपण अभियानों में से एक की गवाह बन रही है, जिसके तहत इस साल पूरे शहर में 70 लाख पेड़ और पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृष्टिकोण से प्रेरित पारिस्थितिकी-पुनर्स्थापना कार्पाम के हिस्से के रूप में, दिल्ली के पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करने के लिए रिज और अन्य चिन्हित हरित क्षेत्रों में 15 लाख पेड़ और पौधे लगाए जा रहे हैं।
श्री सिरसा ने कहा, माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लगाए गए हर पेड़ की जियो-टैगिंग के माध्यम से वैज्ञानिक रूप से निगरानी की जाए और लंबे समय तक उसकी देखभाल की जाए। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी हरित विरासत का निर्माण कर रहे हैं, न कि केवल पौधों की संख्या बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने आगे बताया कि दिल्ली सरकार ने एक व्यापक 10-वर्षीय पौधारोपण रणनीति तैयार की है, जिसका मुख्य फोकस स्थानीय प्रजातियों के साथ हरित क्षेत्र को बढ़ाना है जो अधिक ऑक्सीजन पैदा करती हैं, अधिक छाया देती हैं, जिन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है और जो प्रदूषण को कम करने में मदद करती हैं। इस अभियान के तहत लगाए जा रहे हर पौधे की जियो-टैगिंग की जा रही है ताकि वैज्ञानिक निगरानी और पौधों का लंबे समय तक जीवित रहना सुनिश्चित किया जा सके। मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, हमारे गुरु साहिबान ने भी हमें प्रकृति संरक्षण का अमूल्य संदेश दिया है। श्री गुरु नानक देव जी ने कहा है, 'पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत' अर्थात हवा गुरु के समान है, पानी पिता के समान है और धरती हमारी माता है। गुरु ग्रंथ साहिब का यह संदेश हमें प्रकृति का सम्मान करने, इसे स्वच्छ रखने और इसकी सेवा व रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।
आज लगाया गया एक पौधा केवल एक पेड़ नहीं है, बल्कि यह हमारे बच्चों और हमारे शहर के सुरक्षित भविष्य की एक मजबूत नींव है।
इस पौधारोपण अभियान में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखी जा रही है, जिसमें न्यायपालिका , 70 से अधिक देशों के राजनयिक, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक संगठन और नागरिक समूह शामिल हैं, जो पर्यावरण संरक्षण को एक वास्तविक जन आंदोलन बनाने के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाता है। राजधानी के लंबे समय से चले आ रहे कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के दिल्ली सरकार के समानांतर मिशन पर प्रकाश डालते हुए, माननीय मंत्री श्री सिरसा ने इसे शहर में शुरू किए गए सबसे बड़े पर्यावरण सुधार कार्यों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में दिल्ली का लगभग 60 प्रतिशत पुराना कचरा साफ किया जा चुका है, जिससे भूमि के बड़े हिस्से को वापस हासिल किया गया है, जिन्हें अब पौधारोपण और पारिस्थितिक बहाली के माध्यम से हरित क्षेत्रों में बदला जा रहा है। माननीय मंत्री श्री सिरसा ने आगे कहा कि दिल्ली में वर्तमान में हर दिन लगभग 13,000 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, इसके अलावा रोजाना 30,000 से 35,000 मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट को प्रोसेस किया जा रहा है। श्री सिरसा ने पूरे शहर में कचरा प्रबंधन वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने में दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की, जिससे सरकार के बड़े पैमाने पर चल रहे पर्यावरण संरक्षण प्रयास बिना किसी बाधा के जारी रह सके। उन्होंने उल्लेख किया कि हर दिन लगभग 50,000 मीट्रिक टन कचरे का प्रबंधन किया जा रहा है, जो इसे दुनिया के सबसे व्यापक शहरी कचरा प्रबंधन कार्यों में से एक बनाता है।
श्री सिरसा ने कहा, राजधानी के वर्षों पुराने कूड़े के पहाड़ों को साफ करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि नए पेड़ लगाना। जहाँ हम हर दिन हजारों टन कचरे को साफ कर रहे हैं और उन जगहों को हरित क्षेत्रों में बदल रहे हैं, वहीं हम साथ ही साथ शहर के ग्रीन कवर का भी विस्तार कर रहे हैं। वैज्ञानिक कचरा निपटान और बड़े पैमाने पर पौधारोपण के ये दोनों मिशन मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त दिल्ली की नींव रख रहे हैं।
श्री सिरसा ने दिल्ली के चल रहे वेस्ट मैनेजमेंट कार्पाम के हिस्से के रूप में हर दिन हजारों टन कचरे की आवाजाही को सुगम बनाने में दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस द्वारा निभाई गई भूमिका की भी सराहना की।
श्री सिरसा ने कहा, मैं इस मिशन में शामिल होने के लिए दिल्ली पुलिस के कमिश्नर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और प्रत्येक पुलिस कर्मी को धन्यवाद देता हूं। जिस तरह दिल्ली पुलिस इस शहर के लोगों की सुरक्षा करती है, उसी तरह हमें मिलकर अपने द्वारा लगाए गए हर पेड़ की भी सुरक्षा करनी होगी। पर्यावरण संरक्षण तभी सफल हो सकता है जब यह हर नागरिक और हर संस्थान की साझा जिम्मेदारी बन जाए।