दिल्ली में चोरी के प्रयास के आरोप में पिटाई के बाद व्यक्ति की मौत, दो ट्रक चालक गिरफ्तार
प्रकाशित: 14-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। बाहरी उत्तरी दिल्ली के भलस्वा डेरी इलाके में एक व्यक्ति की दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई। कुछ दिन पहले ट्रक चालकों ने अपने वाहनों से केबल चुराने की कोशिश के आरोप में उसे कथित तौर पर बांधकर बेल्ट, और लात-घूंसों से पीटा था। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी के मुताबिक, कलंदर कॉलोनी निवासी राम कुमार (18) को 29 अगस्त की शाम ट्रक चालकों ने चार अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर उस समय पकड़ लिया था जब वे ट्रकों से केबल और अन्य सामान चोरी करने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि कुमार के भाई ने घटना की सूचना देने के लिए पीसीआर कॉल की थी और आरोप लगाया था कि ट्रक चालकों ने उसके भाई की पिटाई की।
अधिकारी ने बताया, "30 अगस्त को कुमार के परिवार वाले उसे बुराड़ी अस्पताल ले गए, जहां उसका चिकित्सकीय-कानूनी मामला (एमएलसी) तैयार किया गया। कुमार के हाथ पर चोट के निशान और घाव, आंख के पास काला निशान और पैर पर चोट के निशान समेत कई चोटों की जांच की गई। कोई गंभीर या जानलेवा चोट नहीं पाई गई और न ही खून बह रहा था, न ही वे बेहोश हुए और न ही उन्हें उल्टी हुई।उन्होंने बताया कि कुमार को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उस समय मामले की जांच की गई, लेकिन परिवार ने कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। अधिकारी के अनुसार, कुमार नौ सितंबर को दोबारा जांच के लिए बुराड़ी अस्पताल गया, जहां उसने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। इसके बाद उसे बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल और फिर 'राजन बाबू फेफड़े एवं क्षय रोग संस्थान' रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि नौ और 10 सितंबर की दरमियानी रात को अस्पताल में कुमार की मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी के मुताबिक, कलंदर कॉलोनी निवासी राम कुमार (18) को 29 अगस्त की शाम ट्रक चालकों ने चार अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर उस समय पकड़ लिया था जब वे ट्रकों से केबल और अन्य सामान चोरी करने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि कुमार के भाई ने घटना की सूचना देने के लिए पीसीआर कॉल की थी और आरोप लगाया था कि ट्रक चालकों ने उसके भाई की पिटाई की।
अधिकारी ने बताया, "30 अगस्त को कुमार के परिवार वाले उसे बुराड़ी अस्पताल ले गए, जहां उसका चिकित्सकीय-कानूनी मामला (एमएलसी) तैयार किया गया। कुमार के हाथ पर चोट के निशान और घाव, आंख के पास काला निशान और पैर पर चोट के निशान समेत कई चोटों की जांच की गई। कोई गंभीर या जानलेवा चोट नहीं पाई गई और न ही खून बह रहा था, न ही वे बेहोश हुए और न ही उन्हें उल्टी हुई।उन्होंने बताया कि कुमार को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उस समय मामले की जांच की गई, लेकिन परिवार ने कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। अधिकारी के अनुसार, कुमार नौ सितंबर को दोबारा जांच के लिए बुराड़ी अस्पताल गया, जहां उसने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। इसके बाद उसे बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल और फिर 'राजन बाबू फेफड़े एवं क्षय रोग संस्थान' रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि नौ और 10 सितंबर की दरमियानी रात को अस्पताल में कुमार की मौत हो गई।