नियुक्ति प्रािढया में पारदर्शिता जरूरी, गलती की कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है: सीएम योगी
प्रकाशित: 14-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति प्रािढया में पारदर्शिता और शुचिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति की प्रािढया जितनी पारदर्शी होगी, उसके परिणाम उतने ही फलदायी होंगे। सीएम योगी ने कहा कि यदि अच्छे लोगों का चयन नहीं हुआ और चयन प्रािढया में विसंगतियां, भेदभाव या पारदर्शिता एवं शुचिता का अभाव रहा तो पूरे संस्थान को जीवनभर इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। गलती एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है और संस्थान से जुड़े सभी लोगों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह पहले एक व्यक्ति और एक परिवार के गलत कृत्यों की कीमत पूरे प्रदेश को कानून-व्यवस्था की अराजकता और भ्रष्टाचार के रूप में चुकानी पड़ती थी। उन्होंने संस्थानों में योग्य, ईमानदार और सक्षम लोगों के चयन को आवश्यक बताया।
शिव भक्ति भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंडता का प्रतीक: सीएम योगी
रायबरेली। जनपद रायबरेली में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा कार्पाम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म में भगवान शिव और हनुमान जी की महिमा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अवध क्षेत्र में प्रभु श्रीराम की भक्ति की परंपरा रही है। पूरी रामायण में प्रभु की भक्ति हनुमान जी को मिली, जिसके कारण वह लोकपूज्य बने। सनातन धर्मावलंबी हनुमान जी की पूजा और अनुष्ठान कर स्वयं को धन्य महसूस करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म में शिव की भक्ति का विशेष महत्व है। भारत की बात करें तो भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंग हिमालय से लेकर सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम तक स्थापित हैं। ये ज्योतिर्लिंग भारत की सांस्कृतिक सीमाओं का बोध कराने के साथ ही देश की एकात्मकता और अखंडता का भी दर्शन कराते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना भारत की विविधता में एकता की सनातन परंपरा को मजबूत करती है।
शिव भक्ति भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंडता का प्रतीक: सीएम योगी
रायबरेली। जनपद रायबरेली में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा कार्पाम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म में भगवान शिव और हनुमान जी की महिमा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अवध क्षेत्र में प्रभु श्रीराम की भक्ति की परंपरा रही है। पूरी रामायण में प्रभु की भक्ति हनुमान जी को मिली, जिसके कारण वह लोकपूज्य बने। सनातन धर्मावलंबी हनुमान जी की पूजा और अनुष्ठान कर स्वयं को धन्य महसूस करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म में शिव की भक्ति का विशेष महत्व है। भारत की बात करें तो भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंग हिमालय से लेकर सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम तक स्थापित हैं। ये ज्योतिर्लिंग भारत की सांस्कृतिक सीमाओं का बोध कराने के साथ ही देश की एकात्मकता और अखंडता का भी दर्शन कराते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना भारत की विविधता में एकता की सनातन परंपरा को मजबूत करती है।