झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद: आइसा ने रांची में प्रदर्शन स्थल पर अलग मंच बनाया
प्रकाशित: 09-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
रांची, (भाषा)। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना आंदोलन तेज करने के लिए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्यों ने शनिवार को रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एक अलग मंच बनाया। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा स्टेडियम में कुछ देर के लिए विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुईं और 14वीं जेपीएससी तथा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग करते हुए नारे लगाए। नेहा पर शुक्रवार को राज्य विधानसभा की ओर विरोध मार्च के दौरान बिरसा चौक के पास कथित तौर पर स्याही फेंकी गई थी।आइसा के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के साथ ही अभ्यर्थियों की मांगों पर कार्वाई की मांग को लेकर स्टेडियम में आंदोलन कर रहे मंचों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और जेपीएससी-जेएसएससी कैंडिडेट्स फोरम 25 जुलाई से ही स्टेडियम में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, आइसा के नेताओं ने कहा कि उनके मंच को किसी अलग गुट के तौर पर नहीं, बल्कि स्टेडियम में जारी आंदोलन के ही एक हिस्से के तौर पर देखा जाना चाहिए। आइसा के रांची अध्यक्ष विजय कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, wहम भले ही अलग-अलग मंच से लड़ रहे हों, लेकिन हमारी मांगें एक ही हैं, जिनमें 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जवाबदेही तय करना शामिल है।w उन्होंने कहा कि आइसा के सदस्य 10 अगस्त को बड़े समूह के विरोध मार्च में शामिल होंगे, लेकिन वे संग"न का बैनर साथ नहीं ले जाएंगे। कुमार ने कहा, wहम नहीं चाहते कि आंदोलन किसी भी तरह से कमजोर पड़े। हम सभी एक मकसद के लिए लड़ रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे।w यह पूछे जाने पर कि क्या कोई छात्र भूख हड़ताल करेगा, उन्होंने कहा कि इस बारे में बाद में फैसला लिया जाएगा।
वामपंथी विचारधारा वाले दो छात्र संग"नों आइसा और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के समर्थन में शुक्रवार को झारखंड विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला था। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड]ियों को लेकर विरोध-प्रदर्शन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहे, जब राज्य सरकार और पांच छात्र संग"नों के बीच बातचीत में गतिरोध खत्म नहीं हो सका। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों (उच्च न्यायालय के) के एक पैनल से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं।
वामपंथी विचारधारा वाले दो छात्र संग"नों आइसा और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के समर्थन में शुक्रवार को झारखंड विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला था। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड]ियों को लेकर विरोध-प्रदर्शन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहे, जब राज्य सरकार और पांच छात्र संग"नों के बीच बातचीत में गतिरोध खत्म नहीं हो सका। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों (उच्च न्यायालय के) के एक पैनल से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं।