प्रधानमंत्री के पास गद्दारों के लिए समय, प्रदर्शनकारी युवाओं के लिए नहीं : उद्धव "ाकरे
प्रकाशित: 09-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मुंबई, (भाषा)। शिवसेना (उबा"ा) प्रमुख उद्धव "ाकरे ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने वाले अपने पार्टी के सांसदों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संवाद को लेकर शनिवार को उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गद्दारैं से मुलाकात के लिए तो समय निकाल लेते हैं, लेकिन विरोध-प्रदर्शन करने वाले युवाओं को नजरअंदाज करते हैं।
मोदी ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग"बंधन (राजग) के ग"क दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर बै"क की। इसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे और उनकी पार्टी के छह नये सांसद प्रधानमंत्री से मिले। उद्धव ने मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सवाल उ"ाया कि क्या मोदी और शिवसेना (उबा"ा) छोड़ने वाले छह सांसदों के बीच हुई मुलाकात उच्चतम न्यायालय को wडरानै की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब शीर्ष अदालत में शिवसेना (उबा"ा) की उन याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, जिनमें शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को wअसली शिवसेनौ का दर्जा देने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है। उद्धव ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सर्वेच्च न्यायालय का फैसला संविधान पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के पास युवाओं से मिलने का समय नहीं है, लेकिन वे गद्दारों से मुलाकात करते हैं। गद्दारों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री उनका समर्थन कर रहे हैं। क्या आप उच्चतम न्यायालय को डराने की कोशिश कर रहे हैं?w प्रधानमंत्री और सांसदों के बीच मुलाकात का जिक्र करते हुए उद्धव ने पूछा कि जब मामला शीर्ष अदालत में विचाराधीन है, तो गद्दारों के साथ बातचीत की क्या वजह हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा शीर्ष अदालत के सामने उ"ाया जाएगा। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब "ाकरे) की याचिका में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें छह सांसदों के शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने को मान्यता दी गई थी।
उद्धव ने सवाल किया, क्या प्रधानमंत्री न्यायपालिका को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धमका रहे हैं?
उन्होंने देश के मौजूदा हालात को wत्फान से पहले की शांतै करार दिया और कहा कि जेन जेड के विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया है।
उद्धव ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, wदुनिया इस बात पर चर्चा कर रही है कि कैसे जेन जेड ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस पीढ़ी का समर्थन करने के बजाय कुछ (प्रदर्शनकारियों) के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को बदलने का समय आ गया है।
उद्धव ने तंज कसते हुए कहा कि भले ही कोविड-19 महामारी के दौरान फेसबुक लाइव सत्र करने के लिए उनकी आलोचना हुई हो, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम के जरिये सरकार चला रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, wप्रधानमंत्री देश के भविष्य से मिलना नहीं चाहते।
जेन जेड के साथ बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संवाद का जिक्र करते हुए उद्धव ने कहा कि युवा आरएसएस प्रमुख की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नीत सरकार ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर शनिवार को देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट के साथ बातचीत की। हालांकि, इससे गतिरोध खत्म नहीं हो सका, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने अपनी सभी मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
मोदी ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग"बंधन (राजग) के ग"क दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर बै"क की। इसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे और उनकी पार्टी के छह नये सांसद प्रधानमंत्री से मिले। उद्धव ने मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सवाल उ"ाया कि क्या मोदी और शिवसेना (उबा"ा) छोड़ने वाले छह सांसदों के बीच हुई मुलाकात उच्चतम न्यायालय को wडरानै की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब शीर्ष अदालत में शिवसेना (उबा"ा) की उन याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, जिनमें शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को wअसली शिवसेनौ का दर्जा देने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है। उद्धव ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सर्वेच्च न्यायालय का फैसला संविधान पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के पास युवाओं से मिलने का समय नहीं है, लेकिन वे गद्दारों से मुलाकात करते हैं। गद्दारों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री उनका समर्थन कर रहे हैं। क्या आप उच्चतम न्यायालय को डराने की कोशिश कर रहे हैं?w प्रधानमंत्री और सांसदों के बीच मुलाकात का जिक्र करते हुए उद्धव ने पूछा कि जब मामला शीर्ष अदालत में विचाराधीन है, तो गद्दारों के साथ बातचीत की क्या वजह हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा शीर्ष अदालत के सामने उ"ाया जाएगा। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब "ाकरे) की याचिका में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें छह सांसदों के शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने को मान्यता दी गई थी।
उद्धव ने सवाल किया, क्या प्रधानमंत्री न्यायपालिका को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धमका रहे हैं?
उन्होंने देश के मौजूदा हालात को wत्फान से पहले की शांतै करार दिया और कहा कि जेन जेड के विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया है।
उद्धव ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, wदुनिया इस बात पर चर्चा कर रही है कि कैसे जेन जेड ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस पीढ़ी का समर्थन करने के बजाय कुछ (प्रदर्शनकारियों) के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को बदलने का समय आ गया है।
उद्धव ने तंज कसते हुए कहा कि भले ही कोविड-19 महामारी के दौरान फेसबुक लाइव सत्र करने के लिए उनकी आलोचना हुई हो, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम के जरिये सरकार चला रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, wप्रधानमंत्री देश के भविष्य से मिलना नहीं चाहते।
जेन जेड के साथ बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संवाद का जिक्र करते हुए उद्धव ने कहा कि युवा आरएसएस प्रमुख की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नीत सरकार ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर शनिवार को देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट के साथ बातचीत की। हालांकि, इससे गतिरोध खत्म नहीं हो सका, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने अपनी सभी मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।