वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, सुरक्षा परिषद में सुधार पर जोर देंगे संरा महासचिव

प्रकाशित: 11-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
संयुक्त राष्ट्र, (भाषा)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतानियो गुतारेस इस सप्ताह के अंत में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के महत्व और सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर देंगे, ताकि ये संस्थाएं मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को प्रतिबिंबित कर सकें। गुतारेस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे। यह सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। उन्हें 13 सितंबर को समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना : लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता विषय पर आयोजित खुले सत्र को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को यहां नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, महासचिव अपने संबोधन में यह रेखांकित कर सकते हैं कि आज की आर्थिक, जनसांख्यिकीय और भू-राजनीतिक वास्तविकताएं 1945 जैसी नहीं हैं और शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले देश इस बदलती वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि गुतारेस के इस बात पर भी जोर देने की उम्मीद है कि बहुध्रुवीयता वैश्विक व्यवस्थाओं और संस्थाओं में संतुलन लाने में मदद कर सकती है, लेकिन इसके लिए ब्रेटन वुड्स (द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और मौद्रिक व्यवस्था) प्रणाली और सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार करना होगा, ताकि वे आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित कर सकें। भारत और कई अन्य देश लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करते रहे हैं। इन देशों का तर्क है कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना 21वीं सदी की भू-राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय में व्यापक सुधार की अपनी मुहिम के तहत सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की मांग करता रहा है।
दुजारिक ने कहा कि गुतारेस के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने और शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है।
भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। वह ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में समूह की अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने एक जनवरी को ब्रिक्स की अपनी चौथी अध्यक्षता संभाली थी। इसके साथ ही समूह की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो गए।
बैठक में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव सहित कई गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
ब्रिक्स की थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में गुतारेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। उन्होंने इससे पहले फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिति 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत की यात्रा की थी।