सुशासन तिहार से मजबूत हो रहा जनविश्वास, गाँव-गाँव पहुँच रहा सुशासन : डॉ. किरण बघेल
प्रकाशित: 09-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
रायपुर,(छत्तीसगढ़ ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्पा डॉ. किरण बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं दिखाई दे रही, बल्कि गाँव की चौपालों, गलियों और दूरस्थ वनांचलों तक पहुँचती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहा सुशासन तिहार अब महज सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच भरोसे को मजबूत करने वाला जन-आंदोलन बनता जा रहा है।भाजपा प्रदेश प्रवक्पा डॉ.(श्रीमती) बघेल ने सोमवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीप में कहा कि राज्य सरकार ने इसे केवल शिकायत निवारण कार्यत्रढम तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे शासन की जवाबदेही और संवेदनशीलता से जोड़ा है। यही वजह है कि प्रदेश के सुदूर आदिवासी इलाकों से लेकर शहरों के वार्डों तक यह संदेश तेजी से गया है कि अब सरकार स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँच रही है। इस अभियान का मूल उद्देश्य भी स्पष्ट है कि समाज के अंतिम व्यक्पि तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं को बिना किसी भेदभाव और देरी के पहुंचाना। डॉ. बघेल ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड सुधार, सीमांकन, राशन कार्ड, पेंशन, पेयजल, बिजली या प्रमाण पत्र जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। सुशासन तिहार में प्रशासन गाँवों और मोहल्लों तक पहुँच रहा है। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर बनाकर विशेष शिविर आयोजित किए है।भाजपा प्रदेश प्रवक्पा डॉ. बघेल ने कहा कि सुशासन तिहार में इस वर्ष विशेष रूप से उन मुद्दों पर पोकस किया गया है, जो सीधे आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। इससे प्रशासनिक प्रत्रिढयाओं में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ी हैं तथा लोगों को तत्काल राहत मिल रही है। सुशासन तिहार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार गाँवों का दौरा कर रहे हैं, औचक निरीक्षण कर रहे हैं और सीधे ग्रामीणों के बीच पहुँच रहे हैं। कई स्थानों पर वे बिना किसी औपचारिक मंच के पेड़ों की छाँव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान जिला मुख्यालयों में लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। शिविरों में प्राप्त आवेदनों की निगरानी की जा रही है और उनके निराकरण की समय-सीमा तय की गई है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। अधिकारी अब केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों में जाकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्पा डॉ. बघेल ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 केवल शिकायत निवारण कार्यत्रढम नहीं, बल्कि जनविश्वास निर्माण का व्यापक अभियान बन चुका है। गाँवों में लग रही चौपालें अब संवाद और सहभागिता का मजबूत माध्यम बन रही हैं। लोगों को यह महसूस हो रहा है कि शासन उनकी बात सुन रहा है और समस्याओं के समाधान के लिए गम्भीर भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सरकार का केंद्र सत्ता नहीं, बल्कि जनता है। यही भावना इस अभियान को विशेष बनाती है और यही इसकी सबसे बड़ी सपलता भी मानी जा रही है।