ट्रंप ने नेतन्याहू से ईरान पर हमला न करने को कहा
प्रकाशित: 09-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वाशिंगटन, (भाषा)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों का जवाब न देने का आग्रह किया और कहा कि इससे तीन महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति समझौते की बातचीत खतरे में पड़ जाएगी।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने अपनी खबर में कहा कि रविवार को ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के बाद, ट्रंप ने नेतन्याहू से बात की ताकि दोनों देशों के बीच नए सिरे से तनाव पैदा होने से शांति समझौते पर असर न पड़े। ट्रंप ने ईरान से भी बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह किया। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, wहम समझौते के बेहद करीब हैं। मेरा मानना है कि इस सप्ताह सोमवार, मंगलवार या बुधवार को समझौता हो जाएगा। इस बीच यह घटना हो गई। ट्रंप ने ईरान द्वारा इजराइल पर किए गए हमलों का जिक्र करते हुए कहा, आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, बस बहुत हो गया। बातचीत की मेज पर वापस आइए और समझौता कीजिए। ट्रंप ने एक्सियोस से कहा, ईरान के हमलों से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। उम्मीद है कि इजराइल जवाबी कार्वाई नहीं करेगा। उन्होंने कहा, अगर बिबी ने पलटवार किया, तो हालात वैसे ही होते जाएंगे जैसे पिछले 47 सालों या पिछले 3000 सालों से हैं। ट्रंप ने दोहराया कि वाशिंगटन समझौते के करीब है और चेतावनी दी कि तनाव बढ़ने से शांति के प्रयास विफल हो सकते हैं। फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ जो भी समझौता करेगा, उसे नेतन्याहू को स्वीकार करना ही पड़ेगा।
ट्रंप ने नेतन्याहू के बारे में कहा, उनके पास कोई विकल्प नहीं होगा। यह साक्षात्कार ऐसे समय प्रकाशित हुआ जब ईरान ने अप्रैल में युद्धविराम लागू होने के बाद पहली बार इजराइल पर मिसाइलें दागीं। ट्रंप ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइल के हमलों की भी आलोचना की और कहा कि वह इससे खुश नहीं हैं। एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू से कहा कि वह कुछ समय के लिए रुकें क्योंकि समझौता होने ही वाला है।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने अपनी खबर में कहा कि रविवार को ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के बाद, ट्रंप ने नेतन्याहू से बात की ताकि दोनों देशों के बीच नए सिरे से तनाव पैदा होने से शांति समझौते पर असर न पड़े। ट्रंप ने ईरान से भी बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह किया। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, wहम समझौते के बेहद करीब हैं। मेरा मानना है कि इस सप्ताह सोमवार, मंगलवार या बुधवार को समझौता हो जाएगा। इस बीच यह घटना हो गई। ट्रंप ने ईरान द्वारा इजराइल पर किए गए हमलों का जिक्र करते हुए कहा, आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, बस बहुत हो गया। बातचीत की मेज पर वापस आइए और समझौता कीजिए। ट्रंप ने एक्सियोस से कहा, ईरान के हमलों से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। उम्मीद है कि इजराइल जवाबी कार्वाई नहीं करेगा। उन्होंने कहा, अगर बिबी ने पलटवार किया, तो हालात वैसे ही होते जाएंगे जैसे पिछले 47 सालों या पिछले 3000 सालों से हैं। ट्रंप ने दोहराया कि वाशिंगटन समझौते के करीब है और चेतावनी दी कि तनाव बढ़ने से शांति के प्रयास विफल हो सकते हैं। फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ जो भी समझौता करेगा, उसे नेतन्याहू को स्वीकार करना ही पड़ेगा।
ट्रंप ने नेतन्याहू के बारे में कहा, उनके पास कोई विकल्प नहीं होगा। यह साक्षात्कार ऐसे समय प्रकाशित हुआ जब ईरान ने अप्रैल में युद्धविराम लागू होने के बाद पहली बार इजराइल पर मिसाइलें दागीं। ट्रंप ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइल के हमलों की भी आलोचना की और कहा कि वह इससे खुश नहीं हैं। एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू से कहा कि वह कुछ समय के लिए रुकें क्योंकि समझौता होने ही वाला है।