अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो कई राज्यों और शहरों में प्रदर्शन करूंगा: दीपके
प्रकाशित: 09-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
छत्रपति संभाजीनगर, (भाषा)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 13 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
नेपाल और बांग्लादेश में हाल में हुए जेन जेड के प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने रविवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि सीजेपी आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और इसकी तुलना पड़ोसी देशों में हुए प्रदर्शनों से नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी पूरी तरह से जेन जेड के लिए है और इसकी किसी राजनीतिक दल से संबद्धता नहीं होगी। कॉकरोच जनता पार्टी ने देश में कथित पेपर लीक के मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छह जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। रविवार रात को एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दीपके ने कहा, मैंने पहले कहा था कि अगर धर्मेंद्र प्रधान शनिवार (13 जून) तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन व्यापक स्तर पर चलेगा। उसी संदर्भ में मैं यह भी कहना चाहता हूं कि अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो मैं व्यक्तिगत रूप से विभिन्न शहरों और राज्यों में जाकर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करूंगा। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आंदोलन के अगले चरण की योजनाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, अगर राज्यों में प्रदर्शन के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो हमारे पास फिर से आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। तब देश के विभिन्न कोनों से छात्र नई दिल्ली में इकट्"ा होंगे और शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करेंगे।
दीपके ने कहा, प्रधान के इस्तीफे तक हम नहीं रुकेंगे। उन्हें एक करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
इससे पहले यहां संवाददाता सम्मेलन में दीपके ने कहा कि कॉकरोच (तिलचट्टा) शब्द के विरोध में एक ऑनलाइन व्यंग्य मंच के रूप में शुरू हुए सीजेपी आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से नहीं की जा सकती।
उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पड़ोसी देशों में जेन जेड के कारण जो क्रांति हुई वह भारत में भी हो सकती है। इस पर दीपके ने कहा, मैं इसकी (आंदोलन की) तुलना पड़ोसी देशों से नहीं करना चाहता क्योंकि यहां (भारत में) एक व्यवस्था है। लेकिन बांग्लादेश और नेपाल में जो हुआ है उससे तुलना करते हुए एक अलग व्याख्या हो रही है। वे यह भी कहते हैं कि हम देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, जो लोग हमारे आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से करते हैं उन्हें यह जानना चाहिए कि जंतर-मंतर आंदोलन बहुत शांतिपूर्ण रहा, जबकि वहां काफी भीड़ थी। आंदोलन में शामिल होने वाले युवा देश के कोने-कोने से आए थे। अब आगे और भी बड़े प्रदर्शन होंगे और वे भी शांतिपूर्ण होंगे।
मई में एक ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुई सीजेपी के इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ से अधिक फॉलोअर हैं। सीजेपी ने परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में युवाओं से शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था, जो शक्ति प्रदर्शन का एक स्पष्ट संकेत था।
नेपाल और बांग्लादेश में हाल में हुए जेन जेड के प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने रविवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि सीजेपी आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और इसकी तुलना पड़ोसी देशों में हुए प्रदर्शनों से नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी पूरी तरह से जेन जेड के लिए है और इसकी किसी राजनीतिक दल से संबद्धता नहीं होगी। कॉकरोच जनता पार्टी ने देश में कथित पेपर लीक के मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छह जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। रविवार रात को एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दीपके ने कहा, मैंने पहले कहा था कि अगर धर्मेंद्र प्रधान शनिवार (13 जून) तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन व्यापक स्तर पर चलेगा। उसी संदर्भ में मैं यह भी कहना चाहता हूं कि अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो मैं व्यक्तिगत रूप से विभिन्न शहरों और राज्यों में जाकर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करूंगा। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आंदोलन के अगले चरण की योजनाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, अगर राज्यों में प्रदर्शन के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो हमारे पास फिर से आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। तब देश के विभिन्न कोनों से छात्र नई दिल्ली में इकट्"ा होंगे और शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करेंगे।
दीपके ने कहा, प्रधान के इस्तीफे तक हम नहीं रुकेंगे। उन्हें एक करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
इससे पहले यहां संवाददाता सम्मेलन में दीपके ने कहा कि कॉकरोच (तिलचट्टा) शब्द के विरोध में एक ऑनलाइन व्यंग्य मंच के रूप में शुरू हुए सीजेपी आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से नहीं की जा सकती।
उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पड़ोसी देशों में जेन जेड के कारण जो क्रांति हुई वह भारत में भी हो सकती है। इस पर दीपके ने कहा, मैं इसकी (आंदोलन की) तुलना पड़ोसी देशों से नहीं करना चाहता क्योंकि यहां (भारत में) एक व्यवस्था है। लेकिन बांग्लादेश और नेपाल में जो हुआ है उससे तुलना करते हुए एक अलग व्याख्या हो रही है। वे यह भी कहते हैं कि हम देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, जो लोग हमारे आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से करते हैं उन्हें यह जानना चाहिए कि जंतर-मंतर आंदोलन बहुत शांतिपूर्ण रहा, जबकि वहां काफी भीड़ थी। आंदोलन में शामिल होने वाले युवा देश के कोने-कोने से आए थे। अब आगे और भी बड़े प्रदर्शन होंगे और वे भी शांतिपूर्ण होंगे।
मई में एक ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुई सीजेपी के इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ से अधिक फॉलोअर हैं। सीजेपी ने परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में युवाओं से शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था, जो शक्ति प्रदर्शन का एक स्पष्ट संकेत था।