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इजराइल-ईरान ने एक-दूसरे पर जवाबी हमले किए

प्रकाशित: 09-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
दुबई, (एपी)। इजराइल और ईरान ने सोमवार तड़के एक-दूसरे पर जवाबी हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने भी यरुशलम पर हमला किया और लाल सागर में इजराइल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी, जिससे तनाव और बढ़ गया।
इजराइल ने सोमवार तड़के तेहरान के सिलसिलेवार मिसाइल हमलों के जवाब में ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों को निशाना बनाया। पलटवार करते हुए ईरान ने फिर से इजराइल पर हमले किए। आ" अप्रैल को संघर्षविराम लागू होने के बाद यह दोनों देशों के बीच अब तक की सबसे गंभीर सैन्य झड़प है। वायु रक्षा प्रणाली द्वारा ईरान की मिसाइलों को नष्ट किए जाने के दौरान मध्य इजराइल में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। ईरान के एक अधिकारी ने सोमवार को चेतावनी दी कि इजराइल की ओर से पश्चिम एशिया में अगर तनाव बढ़ाया जाता है तो इसके जो भी परिणाम होंगे, उनके लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, कोई भी इस पर विश्वास नहीं करता कि इजराइली शासन अमेरिका के समन्वय के बिना कोई कार्वाई करेगा। उन्होंने कहा, इजराइली शासन की आक्रामकता के लिए अमेरिका जिम्मेदार है और तनाव में किसी भी तरह की वृद्धि के परिणामों के लिए भी वही जिम्मेदार होगा। ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजराइल के दो सैन्य "िकानों को निशाना बनाया और इन हमलों को विजय अभियान का हिस्सा बताया। इसने कहा कि इजराइल द्वारा ईरान के तीन इलाकों में रडार "िकानों पर हमले के बाद यह मिसाइलें दागी गईं। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को बचाए रखने के लिए सोमवार को गहन कूटनीतिक प्रयास जारी रहे। अधिकारियों के अनुसार, मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधियों ने ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया है कि वह इजराइल पर दबाव डाले ताकि वह ईरान और बेरूत पर अपने हमले सीमित करे। साथ ही, उन्होंने ईरानी अधिकारियों से भी इजराइल पर हमले रोकने की अपील की है। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता प्रयासों में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की अगुवाई वाले मध्यस्थ रविवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजराइल के हमले से बेहद खफा हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ, जब पाकिस्तान के गृह मंत्री अमेरिका-ईरान वार्ता को आगे बढ़ाने के नए प्रयास के तहत तेहरान में मौजूद रहे। जवाबी हमलों की हलिया घटना पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, इजराइल और ईरान को तुरंत हमले बंद कर देने चाहिए। तेहरान ने रविवार को जवाबी कार्वाई की चेतावनी दी थी, जब इजराइल ने अमेरिका की आपत्ति को दरकिनार करते हुए बिना किसी चेतावनी के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया था। सोमवार को ईरान युद्ध के 100 दिन पूरे होने जा रहे हैं। यह युद्ध 28 फरवरी को तब शुरू हुआ था जब इजराइल व अमेरिका ने सर्वेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरान के अन्य शीर्ष नेताओं की हत्या कर दी थी। दोनों पक्षों ने आ" अप्रैल को एक औपचारिक संघर्षविराम किया, लेकिन स्थायी शांति की राह में कई रोड़े हैं जिनमें ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा, और इजराइल व लेबनान के शिया मिलिशिया हिजबुल्ला के बीच जारी लड़ाई शामिल हैं। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते खतरे, ईरान के पास अभी भी भारी मात्रा में उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार और हूती विद्रोहियों के इस लड़ाई में कूदने के साथ युद्ध के फिर से पूरी तरह भड़कने का जोखिम बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने इजराइली हमलों और अमेरिका के साथ किसी समन्वय के बारे में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। अमेरिका के एक वरिष्" अधिकारी ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन करके ईरानी मिसाइल हमले का तुरंत जवाब न देने की सलाह दी थी। नाम न उजागर करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि ट्रंप को विश्वास था कि नेतन्याहू हमले रोकने के लिए तैयार हो गए हैं। अधिकारी ने कहा, ट्रंप ने नेतन्याहू को फिलहाल मना लिया है।
उन्होंने इस फोन कॉल की कोई और जानकारी नहीं दी और नेतन्याहू के दफ्तर की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। ट्रंप ने इससे पहले फॉक्स न्यूज के एक संवाददाता से कहा था कि वह चाहते हैं कि ईरान हमले बंद करे और बातचीत की मेज पर लौटे। उन्होंने यह भी कहा कि रविवार को लेबनान पर इजराइल के हमले अमेरिका के साथ समन्वय में नहीं किए गए थे और मैं इससे खफा हूं। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर हमले की ज]िम्मेदारी ली और कहा कि लाल सागर में इजराइल से जुड़े जहाज फिर से उनके निशाने पर होंगे। इससे लाल सागर, अदन की खाड़ी और इन्हें जोड़ने वाली बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर खतरा मंडराने लगा है। ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी का यह बयान हूतियों के अल-मसीरा उपग्रह समाचार चैनल पर प्रसारित हुआ। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने खबर में बताया कि इस्फहान, करज, तबरीज और तेहरान में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। तेहरान में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि राजधानी के पश्चिमी हिस्से में एक बड़े धमाके की आवाज सुनाई दी। इजराइली हमलों के बाद ईरान ने तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों फार्स और मेहर ने खबर में बताया कि इजराइली हमलों में खुजेस्तान प्रांत के माहशहर कस्बे स्थित एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया गया। हालांकि, नुकसान के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। बाद में इजराइली सेना ने भी पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर किए गए इस हमले की पुष्टि कर दी। इस बीच, सऊदी अरब में सोमवार सुबह उस क्षेत्र में मिसाइल हमले की चेतावनी को लेकर सायरन बज उ"s, जहां अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाला एक महत्वपूर्ण एयरबेस स्थित है। सऊदी सरकारी मीडिया के अनुसार, अल-खार्ज प्रांत में यह चेतावनी जारी की गई। इसी क्षेत्र में प्रिंस सुल्तान एयर बेस स्थित है, जहां अमेरिकी बल तैनात हैं। यह अलर्ट इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद जारी किया गया। हालांकि, कुछ देर बाद सऊदी अरब ने कहा कि इलाके में मिसाइल का खतरा टल गया है। अधिकारियों ने इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।