चिकित्सा क्षेत्र में परीक्षण उपकरणों का 100 प्रतिशत खर्च उठाएगी सरकार : गोयल
प्रकाशित: 08-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को वैश्विक ग्राहकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरण विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि सरकार परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए 100 प्रतिशत धन उपलब्ध कराने को तैयार है।
यहां दवा उद्योग से जुड़े दो कार्पामों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों को प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए तथा वैश्विक नवोन्मेषकों और बड़ी दवा कंपनियों को भारत आने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। गोयल ने कहा, हमें उच्च गुणवत्ता के साथ अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत कर महत्वपूर्ण कलपुर्जों का परिवेश तैयार करना चाहिए। हमें साझा परीक्षण बुनियादी ढांचा सुविधाएं बनानी चाहिए, जहां इन उपकरणों का परीक्षण और मूल्यांकन किया जा सके, उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों के अनुरूप परखा जा सके और वैश्विक ग्राहकों के लिए प्रमाणित तथा प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने कहा, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के माध्यम से हम आपके उपकरणों के लिए सर्वश्रेष्ठ परीक्षण उपकरणों की लागत का 100 प्रतिशत वहन करने को तैयार हैं...भारत सरकार परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए 100 प्रतिशत धन देगी। आप हमसे मांग करें, आपकी ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। हम सबसे आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे। गोयल ने डिजाइन, कॉपीराइट, पेटेंट कानूनों और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) व्यवस्था में सुधार की भी जरूरत बताई, ताकि दुनिया भर के लोग भारत की ओर आकर्षित हों और देश नवोन्मेष का वैश्विक केंद्र बन सके। उन्होंने कहा कि भारत को लागत के मामले में बड़ा लाभ हासिल है।
उन्होंने कहा, हमें प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, खरीदारों और पोताओं के बीच बेहतर संबंध बनाने चाहिए और संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां मिलकर डिजाइन और विकास करना चाहिए तथा अन्य देशों के साथ संयुक्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।
यहां दवा उद्योग से जुड़े दो कार्पामों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों को प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए तथा वैश्विक नवोन्मेषकों और बड़ी दवा कंपनियों को भारत आने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। गोयल ने कहा, हमें उच्च गुणवत्ता के साथ अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत कर महत्वपूर्ण कलपुर्जों का परिवेश तैयार करना चाहिए। हमें साझा परीक्षण बुनियादी ढांचा सुविधाएं बनानी चाहिए, जहां इन उपकरणों का परीक्षण और मूल्यांकन किया जा सके, उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों के अनुरूप परखा जा सके और वैश्विक ग्राहकों के लिए प्रमाणित तथा प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने कहा, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के माध्यम से हम आपके उपकरणों के लिए सर्वश्रेष्ठ परीक्षण उपकरणों की लागत का 100 प्रतिशत वहन करने को तैयार हैं...भारत सरकार परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए 100 प्रतिशत धन देगी। आप हमसे मांग करें, आपकी ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। हम सबसे आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे। गोयल ने डिजाइन, कॉपीराइट, पेटेंट कानूनों और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) व्यवस्था में सुधार की भी जरूरत बताई, ताकि दुनिया भर के लोग भारत की ओर आकर्षित हों और देश नवोन्मेष का वैश्विक केंद्र बन सके। उन्होंने कहा कि भारत को लागत के मामले में बड़ा लाभ हासिल है।
उन्होंने कहा, हमें प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, खरीदारों और पोताओं के बीच बेहतर संबंध बनाने चाहिए और संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां मिलकर डिजाइन और विकास करना चाहिए तथा अन्य देशों के साथ संयुक्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।