डिजिटल बाजारों में प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों का जोखिम बढ़ा सकता है एआई: कौर
प्रकाशित: 08-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
पणजी, (भाषा)। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की चेयरपर्सन रवनीत कौर ने सोमवार को आगाह किया कि कृत्रिम मेधा (एआई) को तेजी से अपनाए जाने से डिजिटल बाजारों में प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने अपने ही उत्पादों को प्राथमिकता देने, भेदभावपूर्ण मूल्य-निर्धारण, उत्पादों या सेवाओं को एक साथ बेचने और बाजार में हेराफेरी जैसी गतिविधियों के संभावित इस्तेमाल से जुड़ी आशंका भी जताई। सीसीआई प्रमुख ने इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईयूएलईआर) में कानून के विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्पाम में कहा कि डिजिटल बाजार पहले ही तेजी से बदल रहे थे, लेकिन एआई ने बदलाव की रफ्तार को और तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक और आपूर्ति शृंखला प्रबंधन समेत विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार तेजी से एआई उपकरणों और अनुप्रयोगों को अपना रहे हैं। लेकिन प्रतिस्पर्धा नियामक को यह भी देखना होगा कि एआई का इस्तेमाल डिजिटल बाजारों में पहले से मौजूद प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों को दोहराने या बढ़ाने के लिए तो नहीं किया जा रहा है। कौर ने कहा कि सीसीआई इस संभावना पर खास विचार कर रहा है कि एजेंटिक एआई बिना सीधे मानवीय हस्तक्षेप के ऐसी प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियां कर सकता है।