जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है पुस्तक का लोकार्पण
प्रकाशित: 26-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। सुरुचि प्रकाशन के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित विचार विनिमय न्यास सभागार, केशव कुंज, झंडेवाला में समाजसेवी एवं लेखक इंजी. चंद्रशेखर पटेल की प्रेरणादायी पुस्तक 'जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है' का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा एवं राष्ट्र जीवन से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुस्तक के लोकार्पण के साथ ही राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की निर्णायक भूमिका पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
कार्पाम के मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. प्रवेश कुमार ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा शक्ति के विचार, चरित्र और संकल्प पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने पुस्तक को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसा साहित्य राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना को सुदृढ़ बनाने का प्रभावी माध्यम है। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-सेवा प्रमुख श्री राजकुमार मटाले ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा सेवा, समर्पण और संस्कारों पर आधारित रही है। उन्होंने युवाओं से जीवन में अनुशासन, सेवा, नैतिकता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए विचार और व्यवहार दोनों का सशक्त होना आवश्यक है तथा इस प्रकार की पुस्तकें नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करती हैं। पुस्तक के लेखक इंजी. चंद्रशेखर पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि भारत का अमृतकाल तभी सार्थक होगा, जब देश का युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और ज्ञान को राष्ट्र निर्माण के कार्यों में समर्पित करेगा। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों एवं पाठकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे साहित्य की अत्यंत आवश्यकता है जो युवाओं को केवल सफलता का मार्ग ही न दिखाए, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा के प्रति भी प्रेरित करे। सभी अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक युवाओं के बीच नई चेतना का संचार करेगी और राष्ट्र निर्माण के अभियान को नई दिशा प्रदान करेगी।
इस अवसर पर सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली एवं प्रबंध निदेशक रजनीश जिंदल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रकाशन संस्थान समाज में सकारात्मक सोच, राष्ट्रीय चेतना और मूल्यपरक साहित्य के प्रकाशन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कार्पाम के अंत में अतिथियों ने पुस्तक का अवलोकन किया, लेखक को सफल प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा पुस्तक हस्ताक्षर सत्र में बड़ी संख्या में पाठकों ने लेखक से संवाद कर पुस्तक प्राप्त की। पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति, साहित्य और सामाजिक चेतना के उत्साहपूर्ण वातावरण से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्यों में डॉ. एन. प्रदीप शर्मा (सीनियर एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट), डॉ. ए.डी.एन. वाजपेयी (पूर्व कुलपति), श्री अंकुर पाठक (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सुरुचि प्रकाशन), टीकाराम पटेल, प्रतीक पटेल, निलेश गिरी गोस्वामी, राहुल सिंह पटेल, दीपक ठाकरे, डॉ. नीरज कर्ण सिंह तथा सुश्री प्रकृति शर्मा सहित अनेक विशिष्ट अतिथि एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
नई दिल्ली। सुरुचि प्रकाशन के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित विचार विनिमय न्यास सभागार, केशव कुंज, झंडेवाला में समाजसेवी एवं लेखक इंजी. चंद्रशेखर पटेल की प्रेरणादायी पुस्तक 'जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है' का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा एवं राष्ट्र जीवन से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुस्तक के लोकार्पण के साथ ही राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की निर्णायक भूमिका पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
कार्पाम के मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. प्रवेश कुमार ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा शक्ति के विचार, चरित्र और संकल्प पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने पुस्तक को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसा साहित्य राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना को सुदृढ़ बनाने का प्रभावी माध्यम है। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-सेवा प्रमुख श्री राजकुमार मटाले ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा सेवा, समर्पण और संस्कारों पर आधारित रही है। उन्होंने युवाओं से जीवन में अनुशासन, सेवा, नैतिकता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए विचार और व्यवहार दोनों का सशक्त होना आवश्यक है तथा इस प्रकार की पुस्तकें नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करती हैं। पुस्तक के लेखक इंजी. चंद्रशेखर पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि भारत का अमृतकाल तभी सार्थक होगा, जब देश का युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और ज्ञान को राष्ट्र निर्माण के कार्यों में समर्पित करेगा। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों एवं पाठकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे साहित्य की अत्यंत आवश्यकता है जो युवाओं को केवल सफलता का मार्ग ही न दिखाए, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा के प्रति भी प्रेरित करे। सभी अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक युवाओं के बीच नई चेतना का संचार करेगी और राष्ट्र निर्माण के अभियान को नई दिशा प्रदान करेगी।
इस अवसर पर सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली एवं प्रबंध निदेशक रजनीश जिंदल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रकाशन संस्थान समाज में सकारात्मक सोच, राष्ट्रीय चेतना और मूल्यपरक साहित्य के प्रकाशन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कार्पाम के अंत में अतिथियों ने पुस्तक का अवलोकन किया, लेखक को सफल प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा पुस्तक हस्ताक्षर सत्र में बड़ी संख्या में पाठकों ने लेखक से संवाद कर पुस्तक प्राप्त की। पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति, साहित्य और सामाजिक चेतना के उत्साहपूर्ण वातावरण से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्यों में डॉ. एन. प्रदीप शर्मा (सीनियर एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट), डॉ. ए.डी.एन. वाजपेयी (पूर्व कुलपति), श्री अंकुर पाठक (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सुरुचि प्रकाशन), टीकाराम पटेल, प्रतीक पटेल, निलेश गिरी गोस्वामी, राहुल सिंह पटेल, दीपक ठाकरे, डॉ. नीरज कर्ण सिंह तथा सुश्री प्रकृति शर्मा सहित अनेक विशिष्ट अतिथि एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।