दुकान बनाने के लिए दीवार तोड़ने से सत्य निकेतन में ढह गई इमारत: पुलिस
प्रकाशित: 10-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को बताया कि सत्य निकेतन पीजी ढहने के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि इमारत के भूतल पर एक दुकान बनाने के लिए एक दीवार तोड़ी गई थी जिससे पूरी इमारत ढह गई।
पुलिस के मुताबिक, यह जानकारी श्रमिक ठेकेदार सनोज कुमार से पूछताछ में सामने आई है। पुलिस ने बताया कि दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को ढह गई इमारत में 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) का संचालन करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह इस मामले में अब तक हुई पांचवीं गिरफ्तारी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान भजनपुरा निवासी 31 वर्षीय सुधांशु लवनीश के तौर पर हुई है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को इमारत में मरम्मत का काम करा रहे ठेकेदार सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ में सनोज ने दावा किया है कि भूमिगत तल को समतल करने का काम किया जा रहा था और भूतल पर दुकान बनाने में बाधा बन रही एक दीवार को तोड़ दिया गया जिसके बाद इमारत ढह गई। सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को मरम्मत के दौरान एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी आवास के रूप में किया जा रहा था। इमारत के मलबे से 12 लोगों को निकाला गया था।
इससे पहले पुलिस ने भवन ढहने के सिलसिले में इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेना से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि महेश, सुधांशु और सनोज को एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अधिकारी के अनुसार, सुधांशु ने पूछताछ में बताया कि है कि उसने अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ, हॉस्टल डेज़ के नाम से पीजी संचालन के लिए सत्य निकेतन क्षेत्र में इस इमारत की चार मंजिलें अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये महीने के किराये पर पट्टे पर ली थी।
पुलिस के मुताबिक, यह जानकारी श्रमिक ठेकेदार सनोज कुमार से पूछताछ में सामने आई है। पुलिस ने बताया कि दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को ढह गई इमारत में 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) का संचालन करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह इस मामले में अब तक हुई पांचवीं गिरफ्तारी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान भजनपुरा निवासी 31 वर्षीय सुधांशु लवनीश के तौर पर हुई है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को इमारत में मरम्मत का काम करा रहे ठेकेदार सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ में सनोज ने दावा किया है कि भूमिगत तल को समतल करने का काम किया जा रहा था और भूतल पर दुकान बनाने में बाधा बन रही एक दीवार को तोड़ दिया गया जिसके बाद इमारत ढह गई। सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को मरम्मत के दौरान एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी आवास के रूप में किया जा रहा था। इमारत के मलबे से 12 लोगों को निकाला गया था।
इससे पहले पुलिस ने भवन ढहने के सिलसिले में इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेना से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि महेश, सुधांशु और सनोज को एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अधिकारी के अनुसार, सुधांशु ने पूछताछ में बताया कि है कि उसने अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ, हॉस्टल डेज़ के नाम से पीजी संचालन के लिए सत्य निकेतन क्षेत्र में इस इमारत की चार मंजिलें अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये महीने के किराये पर पट्टे पर ली थी।