ब्रिक्स सम्मेलन शुरू होने से पहले ही दिल्ली के लोगों के लिए बढ़ी यातायात संबंधी परेशानियां
प्रकाशित: 10-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। दिल्ली वासियों को ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अपेक्षित यातायात समस्याओं की झलक अभी से दिखने लगी है। गाड़ियों के काफिले की आवाजाही की 'रिहर्सल' के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। उनका दावा है कि चंद मिनटों में पूरे होने वाले रास्ते को तय करने में घंटों का वक्त लग रहा है।
यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से लगने शुरू हो जाएंगे और इनके लगभग 14 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहनों के काफिले की आवाजाही की रिहर्सल से पहले बुधवार को एक परामर्श जारी कर शहर की 35 से अधिक सड़कों पर मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी।
यातायात पुलिस के मुताबिक, रिहर्सल बुधवार शाम सात बजे से रात 10 बजे तक होगी। परामर्श के अनुसार, मध्य, दक्षिण, पूर्व और नयी दिल्ली क्षेत्रों में प्रमुख सड़कों पर 22 स्थानों पर मार्ग परिवर्तन किया जाएगा।
कई यात्रियों ने रिहर्सल के कारण हुई परेशानियों को सोशल मीडिया का साझा किया।
नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले लोगों के साथ-साथ द्वारका से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर यात्रा करने वाले लोगों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना है।
यातायात पुलिस ने राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। सम्मेलन की व्यवस्था के लिए लगभग 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है।
मुख्य बिंदु: 22 मार्ग परिवर्तन स्थल: काफिले की आवाजाही की रिहर्सल और वीवीआईपी आवाजाही के दौरान 22 चिह्नित मार्ग परिवर्तन स्थानों पर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा।
35 से अधिक सड़कें प्रभावित: जिन प्रमुख सड़कों पर प्रतिबंध देखे जाने की संभावना है, उनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं।
नोएडा-पूर्वी दिल्ली पर प्रभाव: नोएडा और पूर्वी दिल्ली से प्रगति मैदान, मध्य दिल्ली और शहर के अन्य हिस्सों की ओर यात्रा करने वाले लोगों को प्रमुख संपर्क सड़कों के आसपास प्रतिबंधों के कारण देरी का सामना करना पड़ सकता है।
यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से लगने शुरू हो जाएंगे और इनके लगभग 14 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहनों के काफिले की आवाजाही की रिहर्सल से पहले बुधवार को एक परामर्श जारी कर शहर की 35 से अधिक सड़कों पर मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी।
यातायात पुलिस के मुताबिक, रिहर्सल बुधवार शाम सात बजे से रात 10 बजे तक होगी। परामर्श के अनुसार, मध्य, दक्षिण, पूर्व और नयी दिल्ली क्षेत्रों में प्रमुख सड़कों पर 22 स्थानों पर मार्ग परिवर्तन किया जाएगा।
कई यात्रियों ने रिहर्सल के कारण हुई परेशानियों को सोशल मीडिया का साझा किया।
नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले लोगों के साथ-साथ द्वारका से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर यात्रा करने वाले लोगों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना है।
यातायात पुलिस ने राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। सम्मेलन की व्यवस्था के लिए लगभग 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है।
मुख्य बिंदु: 22 मार्ग परिवर्तन स्थल: काफिले की आवाजाही की रिहर्सल और वीवीआईपी आवाजाही के दौरान 22 चिह्नित मार्ग परिवर्तन स्थानों पर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा।
35 से अधिक सड़कें प्रभावित: जिन प्रमुख सड़कों पर प्रतिबंध देखे जाने की संभावना है, उनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं।
नोएडा-पूर्वी दिल्ली पर प्रभाव: नोएडा और पूर्वी दिल्ली से प्रगति मैदान, मध्य दिल्ली और शहर के अन्य हिस्सों की ओर यात्रा करने वाले लोगों को प्रमुख संपर्क सड़कों के आसपास प्रतिबंधों के कारण देरी का सामना करना पड़ सकता है।