51,979 नागरिकों द्वारा दी गई गुप्त सूचनाओं के चलते पंजाब में नशा तस्करी से संबंधित 25,339 गिरफ्तारियां संभव हुईं
प्रकाशित: 06-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरकर सामने आई है। नागरिकों से मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के तहत नशा विरोधी प्रवर्तन मुहिम में 25,339 गिरफ्तारियां की गई हैं। ये आंकड़े 1 मार्च 2025, जब ‘युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान शुरू किया गया था, से लेकर 3 सितंबर 2026 तक की अवधि से संबंधित हैं। ये गुप्त सूचनाएं ‘सेफ पंजाब हेल्पलाइन' (97791-00200) के माध्यम से प्राप्त हुईं। इन सूचनाओं के जरिए प्रवर्तन एजेंसियों को संदिग्ध नशा तस्करी और इससे संबंधित गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। यह तथ्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पंजाब में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज कुल 59,293 एफआईआर में से 25,000 से अधिक गिरफ्तारियां नागरिकों द्वारा दी गई गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई हैं। इसके अलावा नशे के कारोबार में शामिल बड़े तस्करों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार, 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन सहित 696 ‘बड़ी मछलियों' को गिरफ्तार किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर नशा बेचने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्कों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। बरामदगी के आंकड़े भी अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाते हैं। प्रवर्तन एजेंसियों ने 3,757 किलोग्राम हेरोइन, 964 किलोग्राम अफीम, 45 टन चूरा-पोस्त, 1,288 किलोग्राम गांजा और 71 किलोग्राम मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर ‘आइस' के नाम से जाना जाता है, बरामद किया है। इसके अलावा, एनडीपीएस एक्ट के तहत 62 लाख गोलियां और कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं।
इस प्रवर्तन अभियान के दौरान 22 करोड़ रुपये की ड्रग मनी अथवा वह राशि भी जब्त की गई है, जो नशीले पदार्थों की पी से अर्जित की गई थी या नशीले पदार्थों की अवैध खरीद, पी, वितरण अथवा तस्करी के लिए रखी गई थी।
इस प्रवर्तन अभियान के दौरान 22 करोड़ रुपये की ड्रग मनी अथवा वह राशि भी जब्त की गई है, जो नशीले पदार्थों की पी से अर्जित की गई थी या नशीले पदार्थों की अवैध खरीद, पी, वितरण अथवा तस्करी के लिए रखी गई थी।