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मुख्यमंत्री योगी ने रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह का किया शुभारम्भ

प्रकाशित: 06-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनका संदेश विगत 05 हजार वर्षों से अधिक समय से सम और विषम परिस्थितियों में समाज का मार्गदर्शन करता आ रहा है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री जी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आज यहां रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म अंधकारमय परिस्थितियों में कारागार की काल कोठरी में हुआ, लेकिन उन्होंने जीवनभर विपरीत परिस्थितियों को परास्त करते हुए समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया। श्रीकृष्ण के जीवन की अनेक घटनाएं हमें यह प्रेरणा देती हैं कि जब व्यक्ति भ्रम और संशय की स्थिति में हो, तब भी वह अपने कर्तव्य पथ से विचलित न हो। महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश के माध्यम से आज भी प्रत्येक भारतवासी को कर्म, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन हम सभी को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए नए संकल्प के साथ जोड़ता है। श्रीकृष्ण की लीलाभूमि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बल्देव और नन्दगांव में आज भी श्रद्धालुओं के मन में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां जीवंत हैं। इन क्षेत्रों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति श्रद्धा का भाव भी देखने को मिलता है। श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों की मर्यादा और प्राकृतिक स्वरूप के संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने गोवर्धन पूजा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने समाज को प्रकृति, अन्नदाता किसानों और पशुपालकों के महत्व का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा की परम्परा हजारों वर्षों से निरंतर चली आ रही है और आज भी लाखों श्रद्धालु श्रद्धा एवं आस्था के साथ गोवर्धन की परामा करते हैं। यह हमारी सनातन परम्परा की जीवंतता और प्रकृति के प्रति भारतीय दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आाढांताओं ने मंदिरों को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे भारतवासियों की आस्था को नहीं तोड़ सके। मूर्तियों को क्षति पहुंचाई जा सकती है, लेकिन भारत की सनातन जीवन-पद्धति और उसके मूल्यों को समाप्त नहीं किया जा सकता। मंदिरों को नष्ट करने और भारतीय आस्था को मिटाने का प्रयास करने वाले लोग इतिहास के पन्नों में सिमट गए, जबकि भारत अपनी सनातन परम्परा और अजेय यात्रा के साथ आज भी जीवंत एवं जाग्रत है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर अनेक बार ध्वस्त किया गया, लेकिन भारत ने उसे बार-बार पुनर्निर्मित किया। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर आज अपनी गौरवपूर्ण परम्परा के साथ स्थापित है।