दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बांदा में फूटा गुस्सा
प्रकाशित: 26-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
बांदा, (वीअ)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज तथा छात्राओं के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में बांदा में भी आाढाsश की लहर दौड़ गई है। शनिवार को युवाओं, विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर घटना की कड़ी निंदा की तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की।विभिन्न दलों और छात्र संगठनों की एकजुटताबांदा कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस प्रदर्शन में छात्रों के साथ समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और भीम आर्मी के प्रतिनिधि तथा कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल हुए। सरकार पर हमलारू प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान भाजपा सरकार पर युवाओं, छात्रों, किसानों और देश के हर तबके के साथ छलावा करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कराया गया। सुरक्षा के नाम पर तैनात लोगों द्वारा छात्राओं के साथ बदसलूकी की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं और इससे पूरे देश के युवाओं में आाढाsश व्याप्त है। नीट पेपर लीक और धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। दिल्ली में छात्रों और छात्राओं पर लाठीचार्ज व अभद्रता करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के शिथिल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण ही नीट परीक्षा में धांधली हुई, जिससे कई होनहार अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया और हताशा में आकर कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के साथ हो रहे इस अत्याचार को तुरंत बंद नहीं किया गया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन बांदा से लेकर पूरे देश में और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के शिथिल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण ही नीट परीक्षा में धांधली हुई, जिससे कई होनहार अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया और हताशा में आकर कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के साथ हो रहे इस अत्याचार को तुरंत बंद नहीं किया गया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन बांदा से लेकर पूरे देश में और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।