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नजरुल बोर्शो के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा

प्रकाशित: 08-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ढाका, (भाषा)। भारत और बांग्लादेश ने शास्त्राrय संगीत, लोक कला और विरासत संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। यह चर्चा ाढांतिकारी कवि काजी नजरुल इस्लाम की विरासत को विशेष रूप से रेखांकित करने के लिए ढाका में सालभर आयोजित किए जाने वाले समारोहों के तहत की गई। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि यहां भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने रविवार को बांग्लादेश के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री निताई रॉय चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और पुराने सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा हुई।
उच्चायोग ने कहा कि बैठक में दोनों पड़ोसी देशों के बीच सांस्कृतिक संपर्क और आदान-प्रदान को मजबूत करने के महत्व पर भी चर्चा हुई। बैठक में सांस्कृतिक मामलों के राज्य मंत्री अली नवाज महमूद खय्याम भी मौजूद थे। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि दोनों पक्षों ने शास्त्राrय संगीत, लोक कला, विरासत संरक्षण, संस्थागत संबंधों तथा संयुक्त सांस्कृतिक कार्पामों और सम्मेलनों के क्षेत्रों में संभावित सहयोग और आदान-प्रदान पर चर्चा की। खास तौर पर काजी नजरुल इस्लाम की विरासत को समर्पित नजरुल बोर्शो समारोहों के तहत उस सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करना है।
नजरुल बोर्शो या नजरुल वर्ष बांग्लादेश में 25 मई 2026 से 25 मई 2027 तक मनाया जा रहा है। यह देश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की 127वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।