नॉर्थ कोरिया में अजब इलेक्शन! किम जोंग उन की पार्टी ने जीतीं सभी 687 सीटें, हासिल किए 99.93% वोट
प्रकाशित: 18-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
North Korea में हुए 2026 के संसदीय चुनावों में देश के सुप्रीम लीडर Kim Jong Un ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत हासिल कर ली है। स्टेट मीडिया के हवाले से खबर है कि किम जोंग उन की सत्तारूढ़ Workers' Party of Korea और उसकी सहयोगी पार्टियों ने 99.93 फीसदी वोट हासिल करते हुए संसद की सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया है। यहां चुनाव में वोटिंग प्रतिशत 99.99 दर्ज किया था। किम की पार्टी और उसके गठबंधन को मिले सपोर्ट ने इस चुनाव को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया।
सभी 687 सीटों पर जीती किम की पार्टी
जान लें कि चुनाव में किम जोंग उन की पार्टी और गठबंधन के साथियों ने सभी 687 सीटें जीत ली हैं। यह इलेक्शन 15 मार्च को आयोजित हुआ था, जिसमें 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव किया गया। अब उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में इस नई पार्लियामेंट का पहला सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश की टॉप लीडरशिप का चुनाव और संविधान में बड़े बदलावों पर चर्चा की जाएगी।
किम की बहन Kim Yo-jong भी जीतीं चुनाव
इस बार के इलेक्शन में एक बड़ा परिवर्तन यह देखने को मिला कि करीब 70 फीसदी प्रतिनिधियों को बदल दिया गया है। एक्सपर्ट इसे किम जोंग उन की सरकार को और मजबूत करने की स्ट्रैटेजी के रूप में देख रहे हैं। नई पार्लियामेंट के 687 प्रतिनिधियों में किम जोंग उन की बहन Kim Yo-jong और विदेश मंत्री Choe Son-hui भी शामिल हैं। वहीं, किम के करीबी साथी Jo Yong-won को महत्वपूर्व जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
सुप्रीम लीडर के खिलाफ में पड़े महज 0.07 फीसदी वोट
हालांकि, ऑफिशियल आंकड़ों में 0.07 फीसदी वोट खिलाफ में भी बताए गए हैं, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर इन चुनावों को महज औपचारिक प्रक्रिया माना जाता है, जहां असली प्रतिस्पर्धा की कमी दिखाई देती है।
सभी 687 सीटों पर जीती किम की पार्टी
जान लें कि चुनाव में किम जोंग उन की पार्टी और गठबंधन के साथियों ने सभी 687 सीटें जीत ली हैं। यह इलेक्शन 15 मार्च को आयोजित हुआ था, जिसमें 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव किया गया। अब उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में इस नई पार्लियामेंट का पहला सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश की टॉप लीडरशिप का चुनाव और संविधान में बड़े बदलावों पर चर्चा की जाएगी।
किम की बहन Kim Yo-jong भी जीतीं चुनाव
इस बार के इलेक्शन में एक बड़ा परिवर्तन यह देखने को मिला कि करीब 70 फीसदी प्रतिनिधियों को बदल दिया गया है। एक्सपर्ट इसे किम जोंग उन की सरकार को और मजबूत करने की स्ट्रैटेजी के रूप में देख रहे हैं। नई पार्लियामेंट के 687 प्रतिनिधियों में किम जोंग उन की बहन Kim Yo-jong और विदेश मंत्री Choe Son-hui भी शामिल हैं। वहीं, किम के करीबी साथी Jo Yong-won को महत्वपूर्व जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
सुप्रीम लीडर के खिलाफ में पड़े महज 0.07 फीसदी वोट
हालांकि, ऑफिशियल आंकड़ों में 0.07 फीसदी वोट खिलाफ में भी बताए गए हैं, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर इन चुनावों को महज औपचारिक प्रक्रिया माना जाता है, जहां असली प्रतिस्पर्धा की कमी दिखाई देती है।