गणेशोत्सव को लेकर पुलिस-प्रशासन सख्त, समितियों को दिए 16 सूत्रीय सुरक्षा निर्देश
प्रकाशित: 07-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
धमतरी, (छत्तीसगढ़ ब्यूरो)। आगामी गणेशोत्सव पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सिटी कोतवाली परिसर में गणेशोत्सव आयोजन समितियों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर की करीब 20 गणेशोत्सव समितियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित 16 सूत्रीय दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने सभी समितियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी।
बैठक में अतिरिक्प पुलिस अधीक्षक डीसी पटेल, अतिरिक्प तहसीलदार, सिटी कोतवाली के उप निरीक्षक बीआर सिन्हा, विद्युत विभाग के प्रतिनिधि तथा विभिन्न गणेशोत्सव समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। पुलिस-प्रशासन ने प्रत्येक गणेश पंडाल के सामने निगरानी कैमरा लगाना अनिवार्य किया है। पंडाल में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने के साथ रात के समय पंडाल को पूरी तरह खाली नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पंडाल में हर समय जिम्मेदार सदस्यों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। अधिकारियों ने पंडालों में आग से बचाव के लिए अग्निशामक यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखना अनिवार्य किया है। विद्युत व्यवस्था में अवैध रूप से तार जोड़कर बिजली लेने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी समितियों को विद्युत विभाग से विधिवत अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।गणेश प्रतिमा की स्थापना और विसर्जन पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग तथा समय-सीमा के अनुसार ही किया जाएगा। ध्वनि प्रदूषण को लेकर शासन और न्यायालय द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग में निर्धारित मानकों का उल्लंघन नहीं करने की स्पष्ट हिदायत दी गई है। गणेश पंडालों के आसपास मुख्य मार्गों पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवागमन बाधित न हो। समितियों को श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है। पंडाल परिसर में असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को एकत्रित नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा नशे का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस-प्रशासन ने समितियों से आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी धर्म, संप्रदाय, गुरु अथवा राजनेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी या भड़काऊ सामग्री का प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा। गणेशोत्सव के दौरान सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की जिम्मेदारी आयोजन समितियों की भी होगी।
बैठक में अतिरिक्प पुलिस अधीक्षक डीसी पटेल, अतिरिक्प तहसीलदार, सिटी कोतवाली के उप निरीक्षक बीआर सिन्हा, विद्युत विभाग के प्रतिनिधि तथा विभिन्न गणेशोत्सव समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। पुलिस-प्रशासन ने प्रत्येक गणेश पंडाल के सामने निगरानी कैमरा लगाना अनिवार्य किया है। पंडाल में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने के साथ रात के समय पंडाल को पूरी तरह खाली नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पंडाल में हर समय जिम्मेदार सदस्यों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। अधिकारियों ने पंडालों में आग से बचाव के लिए अग्निशामक यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखना अनिवार्य किया है। विद्युत व्यवस्था में अवैध रूप से तार जोड़कर बिजली लेने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी समितियों को विद्युत विभाग से विधिवत अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।गणेश प्रतिमा की स्थापना और विसर्जन पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग तथा समय-सीमा के अनुसार ही किया जाएगा। ध्वनि प्रदूषण को लेकर शासन और न्यायालय द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग में निर्धारित मानकों का उल्लंघन नहीं करने की स्पष्ट हिदायत दी गई है। गणेश पंडालों के आसपास मुख्य मार्गों पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवागमन बाधित न हो। समितियों को श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है। पंडाल परिसर में असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को एकत्रित नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा नशे का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस-प्रशासन ने समितियों से आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी धर्म, संप्रदाय, गुरु अथवा राजनेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी या भड़काऊ सामग्री का प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा। गणेशोत्सव के दौरान सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की जिम्मेदारी आयोजन समितियों की भी होगी।