SRCC के शताब्दी समारोह में PM मोदी का संदेश: विकसित भारत की राह में युवा बनें बदलाव के वाहक
प्रकाशित: 07-09-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विकास यात्रा, आर्थिक प्रगति और युवाओं की भूमिका को देश के भविष्य से जोड़ते हुए महत्वाकांक्षी संदेश दिया। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने संस्थान की एक सदी लंबी यात्रा को शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण विरासत बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 वर्ष पूरे करने वाला कोई संस्थान केवल अपने अतीत की उपलब्धियों का प्रतीक नहीं होता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाता है। उन्होंने SRCC के पूर्व छात्रों और शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि संस्थान ने कई पीढ़ियों को तैयार किया है, जिन्होंने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2013 और वर्तमान भारत के बीच आर्थिक बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय भारत को वैश्विक स्तर पर ‘Fragile Five’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने हाल में दर्ज 7.8 प्रतिशत तिमाही GDP वृद्धि को भारत की आर्थिक क्षमता और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उसकी मजबूती का संकेत बताया।
मोदी जी ने वित्तीय समावेशन को भी भारत के परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में लगभग 60 करोड़ नए बैंक खाते खोले गए हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग व्यवस्था से करोड़ों लोगों को जोड़ने ने देश में डिजिटल भुगतान और फिनटेक क्रांति के लिए आधार तैयार किया।
प्रधानमंत्री ने Make in India, स्टार्टअप, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से केवल वैश्विक कंपनियों में नेतृत्वकारी पद हासिल करने तक सीमित न रहने, बल्कि भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भारतीय दुनिया की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर सकते हैं, तो भारतीयों द्वारा बनाई गई कंपनियां विश्व की अग्रणी कंपनियां क्यों नहीं बन सकतीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने, जोखिम लेने, नवाचार करने और रोजगार खोजने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले बनने की प्रेरणा दी।
SRCC के मंच से उनका संदेश स्पष्ट था—भारत की अगली विकास यात्रा की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है। ज्ञान, कौशल, उद्यमिता और आत्मविश्वास के साथ युवा आगे बढ़ेंगे तो आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और भारत आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
-आदित्य नरेन्द्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 वर्ष पूरे करने वाला कोई संस्थान केवल अपने अतीत की उपलब्धियों का प्रतीक नहीं होता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाता है। उन्होंने SRCC के पूर्व छात्रों और शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि संस्थान ने कई पीढ़ियों को तैयार किया है, जिन्होंने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2013 और वर्तमान भारत के बीच आर्थिक बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय भारत को वैश्विक स्तर पर ‘Fragile Five’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने हाल में दर्ज 7.8 प्रतिशत तिमाही GDP वृद्धि को भारत की आर्थिक क्षमता और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उसकी मजबूती का संकेत बताया।
मोदी जी ने वित्तीय समावेशन को भी भारत के परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में लगभग 60 करोड़ नए बैंक खाते खोले गए हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग व्यवस्था से करोड़ों लोगों को जोड़ने ने देश में डिजिटल भुगतान और फिनटेक क्रांति के लिए आधार तैयार किया।
प्रधानमंत्री ने Make in India, स्टार्टअप, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से केवल वैश्विक कंपनियों में नेतृत्वकारी पद हासिल करने तक सीमित न रहने, बल्कि भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भारतीय दुनिया की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर सकते हैं, तो भारतीयों द्वारा बनाई गई कंपनियां विश्व की अग्रणी कंपनियां क्यों नहीं बन सकतीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने, जोखिम लेने, नवाचार करने और रोजगार खोजने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले बनने की प्रेरणा दी।
SRCC के मंच से उनका संदेश स्पष्ट था—भारत की अगली विकास यात्रा की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है। ज्ञान, कौशल, उद्यमिता और आत्मविश्वास के साथ युवा आगे बढ़ेंगे तो आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और भारत आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
-आदित्य नरेन्द्र