अन्ना मवेशियों के आतंक से ग्रामीण हुए परेशान
प्रकाशित: 07-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
बांदा, (वीअ)। बदौसा क्षेत्र में अति वृष्टि की तबाही से किसान अभी उबर भी नहीं पाए थे कि अब बची-खुची फसलों पर बेसहारा गौ वंशियों का कहर टूट पड़ा है। झांसी - मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दिनों रोजाना खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। इस व्यस्ततम हाईवे पर अन्ना गौ वंशियों का समूह हमेशा डेरा जमाए रहता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा और दर्दनाक सड़क हादसा हो सकता है। रात के अंधेरे या सुबह की धुंध में सड़क पर बैठे ये मवेशी किसी काल से कम नजर नहीं आते। अचानक सामने पशुओं का झुंड आ जाने से वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं, जिससे अब तक कई लोग चोटिल हो चुके हैं। रात में यही पशु खेतों में घुसकर किसानों की रही-सही उम्मीदों को भी रौंद रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र पंचायत नरैनी के अंतर्गत महज तीन किलोमीटर के दायरे में तीन प्रमुख ग्राम पंचायतेंकृबरछा ब, दुवरिया, और बदौसा आपस में सटी हुई हैं। नियमों के मुताबिक हर ग्राम सभा में पशुओं के संरक्षण की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जनसंख्या के मामले में दुवरिया ग्राम सभा की आबादी बरछा ब और बदौसा से कहीं अधिक है। क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत होने के बावजूद सरकारी सिस्टम की अनदेखी देखिए कि दुवरिया में आज की तारीख में न तो कोई स्थाई गोशाला है और न ही अस्थाई।