मप्र में जहरीली शराब पीने से 11 की मौत
प्रकाशित: 07-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
सागर, (भाषा)। मध्यप्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है जबकि 54 बीमार लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। मामले की शुरुआती जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से शराब की तस्करी किए जाने की बात सामने आई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया जबकि एक अधिकारी को हटाकर ग्वालियर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। सागर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शशींद्र चौहान ने प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "जहरीली शराब पीने से जिले के दो गांवों में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।" उन्होंने बताया कि पांच लोग अभी बीमार हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में जांच के दौरान 49 अन्य लोगों में धुंधला दिखाई देने और चक्कर आने जैसे लक्षण मिले हैं। अधिकारी ने बताया कि सभी प्रभावित लोगों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चौहान ने बताया कि पीड़ितों के परिजनों की शिकायत के आधार पर तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इससे पहले सागर की जिलाधिकारी प्रतिभा पाल ने बंडा में संवाददाताओं को बताया था कि मामला रविवार तड़के करीब चार बजे उनके संज्ञान में आया।
उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जहरीली शराब लाई गई थी और एहतियात के तौर पर क्षेत्र में शराब की सात दुकानों को बंद करा दिया गया है। उन्होंने बताया, ललितपुर का एक गिरोह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। चूंकि यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है, इसलिए शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई और अब तक सामने आए संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया, "जांच में अभी तक सामने आया है कि जहरीली शराब का स्रोत उत्तर प्रदेश का ललितपुर हो सकता है। पहले भी इस तरह के मामलों में ललितपुर के गिरोहों की संलिप्तता सामने आई है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर घटपाम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। अधिकारी ने बताया कि अगर जांच में स्थानीय स्तर पर शराब तस्करों को संरक्षण देने की बात सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सागर, (भाषा)। मध्यप्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है जबकि 54 बीमार लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। मामले की शुरुआती जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से शराब की तस्करी किए जाने की बात सामने आई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया जबकि एक अधिकारी को हटाकर ग्वालियर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। सागर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शशींद्र चौहान ने प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "जहरीली शराब पीने से जिले के दो गांवों में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।" उन्होंने बताया कि पांच लोग अभी बीमार हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में जांच के दौरान 49 अन्य लोगों में धुंधला दिखाई देने और चक्कर आने जैसे लक्षण मिले हैं। अधिकारी ने बताया कि सभी प्रभावित लोगों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चौहान ने बताया कि पीड़ितों के परिजनों की शिकायत के आधार पर तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इससे पहले सागर की जिलाधिकारी प्रतिभा पाल ने बंडा में संवाददाताओं को बताया था कि मामला रविवार तड़के करीब चार बजे उनके संज्ञान में आया।
उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जहरीली शराब लाई गई थी और एहतियात के तौर पर क्षेत्र में शराब की सात दुकानों को बंद करा दिया गया है। उन्होंने बताया, ललितपुर का एक गिरोह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। चूंकि यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है, इसलिए शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई और अब तक सामने आए संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया, "जांच में अभी तक सामने आया है कि जहरीली शराब का स्रोत उत्तर प्रदेश का ललितपुर हो सकता है। पहले भी इस तरह के मामलों में ललितपुर के गिरोहों की संलिप्तता सामने आई है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर घटपाम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। अधिकारी ने बताया कि अगर जांच में स्थानीय स्तर पर शराब तस्करों को संरक्षण देने की बात सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।