दलीप ट्रॉफी फाइनल: किशन के शतक से पूर्व क्षेत्र ने चार विकेट पर 385 रन बनाए
प्रकाशित: 07-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चेन्नई, (भाषा)। कप्तान इशान किशन की नाबाद 111 रन की शतकीय पारी के दम पर पूर्व क्षेत्र ने रविवार को यहां दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन दक्षिण क्षेत्र के लचर क्षेत्ररक्षण का फायदा उठाते हुए पहली पारी में चार विकेट पर 385 रन बनाकर बड़े स्कोर की नींव रखी।
दिन का खेल खत्म होने पर किशन और कुमार कुशाग्र (नाबाद 63) ाढाrज पर मौजूद थे। दोनों पांचवें विकेट के लिए 26.4 ओवर में 144 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं। किशन ने अपनी पारी में 135 गेंद का सामना करते हुए 14 चौके और एक छक्का जड़ा। पूर्व क्षेत्र के लिए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (44), अभिमन्यु ईश्वरन (72) और शिखर मोहन (85) ने भी उपयोगी योगदान दिया। मैच के दौरान प्रथम श्रेणी ािढकेट में 4000 रन पूरे करने वाले किशन ने अपनी पारी में आाढामकता और संयम का बेहतरीन नमूना पेश किया। उन्होंने मोहन के साथ भी चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े। दोनों उस समय ाढाrज पर साथ आए जब पूर्व क्षेत्र की टीम 147 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। दक्षिण क्षेत्र के पास इस समय वापसी करने का मौका था लेकिन किशन और मोहन ने बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर विरोधी गेंदबाजों को निराश किया।
किशन ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए जिसमें उनके दमदार पुल और बेहतरीन कवर ड्राइव शामिल थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 71 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और फिर अगली 50 गेंद में अपना 10वां प्रथम श्रेणी शतक पूरा कर लिया। उन्होंने अपना 100वां प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे श्रेयस गोपाल की गेंद पर चौका जड़कर यह मुकाम हासिल किया। दूसरे छोर पर 21 वर्षीय मोहन ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता दिखाई। उनकी पारी की सबसे खास बात ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ने का उनका शानदार निर्णय रहा। पूरी पारी के दौरान गेंदबाज एक बार भी उन्हें चकमा नहीं दे पाए। मोहन ने अपनी पारी में रक्षात्मक खेल के साथ-साथ आाढामक रुख भी अपनाया और ऑफ स्पिनर त्रिपुराना विजय के एक ही ओवर में एक छक्का और दो चौके जड़े। मोहन जब शतक के करीब थे तब बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की गेंद को विकेटों पर खेल बैठे। इससे पहले ईश्वरन आज पूरी तरह से नियंत्रण में दिखे और कई मौकों पर उन्होंने सूर्यवंशी से भी तेज गति से रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए महज 14 ओवर में 100 रन जोड़कर टीम को आाढामक शुरुआत दी। सूर्यवंशी हालांकि मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में डीप में स्थानापन्न खिलाड़ी तनय त्यागराजन को कैच दे बैठे। दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों ने पहली बार इस युवा बल्लेबाज को शॉर्ट पिच गेंद से परखा और उन्हें तुरंत सफलता मिल गई।
दिन का खेल खत्म होने पर किशन और कुमार कुशाग्र (नाबाद 63) ाढाrज पर मौजूद थे। दोनों पांचवें विकेट के लिए 26.4 ओवर में 144 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं। किशन ने अपनी पारी में 135 गेंद का सामना करते हुए 14 चौके और एक छक्का जड़ा। पूर्व क्षेत्र के लिए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (44), अभिमन्यु ईश्वरन (72) और शिखर मोहन (85) ने भी उपयोगी योगदान दिया। मैच के दौरान प्रथम श्रेणी ािढकेट में 4000 रन पूरे करने वाले किशन ने अपनी पारी में आाढामकता और संयम का बेहतरीन नमूना पेश किया। उन्होंने मोहन के साथ भी चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े। दोनों उस समय ाढाrज पर साथ आए जब पूर्व क्षेत्र की टीम 147 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। दक्षिण क्षेत्र के पास इस समय वापसी करने का मौका था लेकिन किशन और मोहन ने बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर विरोधी गेंदबाजों को निराश किया।
किशन ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए जिसमें उनके दमदार पुल और बेहतरीन कवर ड्राइव शामिल थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 71 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और फिर अगली 50 गेंद में अपना 10वां प्रथम श्रेणी शतक पूरा कर लिया। उन्होंने अपना 100वां प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे श्रेयस गोपाल की गेंद पर चौका जड़कर यह मुकाम हासिल किया। दूसरे छोर पर 21 वर्षीय मोहन ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता दिखाई। उनकी पारी की सबसे खास बात ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ने का उनका शानदार निर्णय रहा। पूरी पारी के दौरान गेंदबाज एक बार भी उन्हें चकमा नहीं दे पाए। मोहन ने अपनी पारी में रक्षात्मक खेल के साथ-साथ आाढामक रुख भी अपनाया और ऑफ स्पिनर त्रिपुराना विजय के एक ही ओवर में एक छक्का और दो चौके जड़े। मोहन जब शतक के करीब थे तब बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की गेंद को विकेटों पर खेल बैठे। इससे पहले ईश्वरन आज पूरी तरह से नियंत्रण में दिखे और कई मौकों पर उन्होंने सूर्यवंशी से भी तेज गति से रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए महज 14 ओवर में 100 रन जोड़कर टीम को आाढामक शुरुआत दी। सूर्यवंशी हालांकि मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में डीप में स्थानापन्न खिलाड़ी तनय त्यागराजन को कैच दे बैठे। दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों ने पहली बार इस युवा बल्लेबाज को शॉर्ट पिच गेंद से परखा और उन्हें तुरंत सफलता मिल गई।