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संकट की घड़ी में पूरी सरकार है बाढ़ पीड़ितों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रकाशित: 31-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राम मोहन यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में बाढ़ की आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों का मुआयना किया। प्राचीन मुखार विन्द के पास बनाए गए आश्रय स्थल (राहत शिविर) पहुंचकर सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके कुशल-क्षेम की जानकारी ली। बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण किया और कहा कि संकट की इस घड़ी में हमारी पूरी सरकार आप लोगों के साथ है।
डॉ. यादव ने कहा कि मंदाकिनी नदी की बाढ़ से नदी का पानी घरो में घुसने से काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा चित्रकूट की अधोसंरचनाओं को भी क्षति पहुंची है। उन्होंने सभी प्रभावितों से कहा कि सरकार और प्रशासन आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ है। सभी प्रभावितों को उनके हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। चित्रकूट में जन जीवन सामान्य होने तक सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यहीं रूककर प्रभावितों को राहत पहुंचाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल पर बांदा के बबेरू से आए श्रद्धालु राजू सिंह से बात की। राजू ने बताया कि वे 20 लोगों के साथ कामतानाथ स्वामी के दर्शन करने आए थे। बाढ़ का पानी होने से वे सब अपने घर वापस नहीं लौट पाए। उन्होंने बताया कि इस आश्रय स्थल पर प्रशासन द्वारा उन सभी के लिए भोजन, पानी, नाश्ते की समुचित व्यवस्था की गई है।आश्रय स्थल पर बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को वस्त्र, घरेलू सामग्री और खाद्यान्न आदि राहत सहायता सामग्री भी वितरित की। चित्रकूट नगर के रामधाम मोहल्ले में जलभराव (बाढ़) से प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने कीचड़ से सने मार्ग में पैदल चलकर प्रभावितों के घरों तक पहुंचकर जल भराव से हुए नुकसान का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा प्रभावित परिवारों से आत्मीय चर्चा कर उन्हें आश्वासन दिया। सतना से चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर स्थित माधव धर्मशाला के समीप अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और उनकी दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ है और सभी प्रभावितों को नियमानुसार हरसंभव राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तत्परता, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ सभी प्रभावितों को राहत सहायता उपलब्ध कराए। राहत कार्यों में किसी प्रकार की कोई भी कमी न रहे। डॉ. मोहन यादव ने प्रभावितों को राहत सहायता वितरण एवं नगर के पैदल निरीक्षण के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि चित्रकूट में में बीते दिनों से लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण यहां की सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। नगर के कई क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी भर गया है और उनके घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन की मुस्तैदी से अबतक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं। साथ ही प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से नुकसान तो हुआ है, जिसका आंकलन किया जा रहा है। जिला प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी इस समय मौके पर ही मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर सतत् निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, वस्त्र, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि चित्रकूट और सतना में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी में बाढ़ का भयावह रूप देखने को मिला। राहत की बात यह है कि घटना दिन के समय हुई थी और मौसम के पूर्वानुमान के चलते जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में था। शासन की सजगता और सतर्कता तथा जिला प्रशासन की तत्परता से अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाढ़ से हुए नुकसान का समुचित आंकलन कर सभी प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बाढ़ प्रभावित नागरिकों से स्वयं मुलाकात कर जिलाधिकारियों को सभी प्रभावितों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है या अन्य किसी भी प्रकार का नुकसान हुआ है, उसका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और उन्हें भी नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।