वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की सेवा समाप्त

प्रकाशित: 05-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की सेवा समाप्त
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। एअर इंडिया ने पावार को जांच में मादक पदार्थ सेवन की पुष्टि होने पर फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की सेवा समाप्त कर दी।
एयरलाइन की ओर से यह घोषणा वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना पर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी किए जाने के कुछ घंटे बाद की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि पायलट द्वारा मादक पदार्थ का सेवन एक गंभीर चिंता का विषय है, और उसने नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से उचित कार्रवाई करने को कहा था। एअर इंडिया ने एक बयान में कहा, ''फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की जांच में मन:प्रभावी पदार्थ के सेवन की पुष्टि हुई। सुरक्षा, फिटनेस या नियामकीय आवश्यकताओं के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एअर इंडिया की नीति के अनुरूप पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।'' चार अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के एक विमान की 36,000 फुट की ऊंचाई पर तीनों हाइड्रोलिक प्रणालियों में लगभग एक साथ खराबी आने से विमान निर्धारित ऊंचाई से अचानक ऊपर-नीचे हुआ और इसके कारण 24 लोग घायल हो गए। इससे पूर्व एएआईबी ने कहा कि दुर्घटना के तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। घटना के समय खराब मौसम की कोई सूचना नहीं थी। जांचकर्ता विमान की हाइड्रोलिक प्रणालियों में आई खराबी और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। एएआईबी की 10 पृष्ठ की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान की ग्रीन, ब्लू और येलो हाइड्रोलिक प्रणालियों में लगभग एक ही समय पर खराबी आ गई थी लेकिन कुछ ही सेकेंड में ये प्रणालियां फिर काम करने लगीं और विमान ने दिल्ली तक अपनी उड़ान जारी रखी तथा यह सुरक्षित उतर गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना से विमान के भीतर काफी नुकसान हुआ। छत के कई पैनल में दरारें आ गईं, यात्रियों के सामान रखने के लिए ऊपर बने खानों के कुछ हिस्से अपनी जगह से हट गए, रेलिंग टूट गईं तथा चालक दल की एक सीट और आपातकालीन निकास के हैंडल को भी नुकसान पहुंचा।
रिपोर्ट में कहा गया कि उड़ान के बाद की गई जांच में मुख्य पायलट की मन:प्रभावी पदार्थ संबंधी रिपोर्ट निगेटिव नहीं आई। सह-पायलट की जांच रिपोर्ट निगेटिव थी यानी उसमें ऐसे किसी पदार्थ के सेवन का संकेत नहीं मिला। एएआईबी ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से मन:प्रभावी पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की। एएआईबी ने कहा, मन:प्रभावी पदार्थ के सेवन की पुष्टि गंभीर चिंता का विषय है और एएआईबी डीजीसीए से प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई करने की सिफारिश करता है।