वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अगस्त में सुस्त पड़कर तीन माह के निचले स्तर 4.8 प्रतिशत पर

प्रकाशित: 22-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। देश के नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4.8 प्रतिशत रही। कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट के कारण बुनियादी उद्योगों के उत्पादन की रफ्तार सुस्त पड़ी है। सरकार के सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में पिछले साल अगस्त में 6.2 प्रतिशत और इस साल जुलाई में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इससे पहले मई में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर निचले स्तर 3.2 प्रतिशत रही थी।
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल और उर्वरक के उत्पादन में ाढमश 3.8 प्रतिशत, 4.9 प्रतिशत, 3.6 प्रतिशत और 12.4 प्रतिशत की गिरावट आई। आलोच्य महीने में पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों, इस्पात और लौह अयस्क के उत्पादन की वृद्धि दर धीमी पड़कर ाढमश 2.6 प्रतिशत, 3.4 प्रतिशत और 5.5 प्रतिशत रही। अगस्त, 2025 में इनकी वृद्धि दर ाढमश 3.4 प्रतिशत, 15.3 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत थी। हालांकि, इस साल अगस्त में सीमेंट और बिजली उत्पादन में ाढमश 12.5 प्रतिशत और 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही, जो बीते वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में 2.4 प्रतिशत थी। इस बारे में इाढा लि. के प्रधान अर्थशास्त्राr राहुल अग्रवाल ने कहा कि प्रतिकूल तुलनात्मक आधार के कारण अगस्त में प्रमुख उद्योगों के उत्पादन की सालाना वृद्धि दर में मामूली कमी आई। उन्होंने कहा कि यह गिरावट व्यापक रही और नौ में से छह क्षेत्रों के प्रदर्शन में गिरावट आई। खनन से जुड़े क्षेत्रों में कोयला और लौह अयस्क के प्रदर्शन में जुलाई की तुलना में अगस्त में उल्लेखनीय गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण प्रतिकूल तुलनात्मक आधार प्रभाव रहा।