ऋचा चड्ढा ने बताईं अभिनय से ब्रेक की वजहें
प्रकाशित: 24-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन समाचार ब्यूरो
नई दिल्ली। मां बनने के बाद जिंदगी बदल जाती है, लेकिन ऋचा चड्ढा के लिए यह बदलाव सिर्फ इमोशनल नहीं था। ऋचा चड्ढा और अली फजल जुलाई 2024 में बेटी के माता-पिता बने थे। ऋचा चड्ढा की डिलीवरी नेचुरल थी। एक्ट्रेस ने खुलकर बताया कि नेचुरल डिलीवरी होने के बाद भी उन्हें अपने शरीर और सेहत को संभलने के लिए लंबा वक्त देना पड़ा। हाल ही में एक्ट्रेस ने कैमरे से दूरी बनाने के पीछे की वजह अब उन्होंने खुद बताई है। बेटी के जन्म से पहले ऋचा आखिरी बार संजय लीला भंसाली की सीरीज हीरामंडी: द डायमंड बाजार में नजर आई थीं। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक लिया और प्रोडक्शन पर ध्यान दिया। हाल ही में हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 से बात करते हुए उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी, डिलीवरी के दौरान आए हेल्थ ाढाइसिस और एक्टिंग से दूरी बनाने की असल वजह पर खुलकर बात की है। ऋचा ने बताया कि डिलीवरी के बाद उनका पूरा ध्यान खुद को संभालने और अपनी बेटी के साथ वक्त बिताने पर था। उन्होंने कहा कि वह उस समय कम नजर आना चाहती थीं और अपने लिए नेस्टिंग पीरियड चाहती थीं। हालांकि, मां बनने के कुछ ही महीनों बाद वह अली फजल के साथ अपनी प्रोडक्शन फिल्म गर्ल्स विल बी गर्ल्स को लेकर काफी बिजी हो गई थीं। ऋचा ने बताया कि फिल्म को प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने से लेकर रिलीज की तैयारी तक कई जिम्मेदारियां एक साथ उनके कंधों पर थीं। वह डील, रिलीज और दूसरे काम संभाल रही थीं। इसका असर उनकी सेहत पर भी पड़ा। एक्ट्रेस के मुताबिक, उन्हें आराम करना पड़ा और विटामिन्स लेने पड़े। ऋचा ने अपनी डिलीवरी के एक्सपीरियंस को भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि उनकी नेचुरल डिलीवरी हुई थी और इस दौरान काफी खून बह गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें रिकवर होने में उन्हें लंबा वक्त लगा। ऋचा ने यह भी बताया कि उस दौरान उनका दिमाग काफी फॉगी रहता था यानी चीजों पर फोकस करना उनके लिए आसान नहीं था। ऋचा के मुताबिक, ऐसे समय में बाहर जाकर काम करना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए शो पूरा किया। साथ ही अपनी सीरीज मुसाफिरी पर रिसर्च का काम भी किया। मुसाफिरी ऋचा की बनाई, लिखी, प्रोड्यूस और होस्ट की गई नॉन-फिक्शन सीरीज है। इसे वह मुंबई के लिए अपनी ‘लव लेटर और पोस्टपार्टम जर्नी का विस्तार मानती हैं। अब ऋचा दोबारा एक्टिंग की दुनिया में पूरी तरह लौटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि वह एक नई फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाली हैं।
उनके शब्दों में, इतने सारे काम एक साथ संभालने के दौरान काम की रफ्तार थोड़ी कम हो जाती है, लेकिन अब वह आगे लगातार काम करती नजर आएंगी। मां बनने के बाद ऋचा की सोच में आए बदलाव की बात करें तो उन्होंने बताया कि मदरहुड ने उनकी पेरिफेरल विजन यानी चीजों को देखने का नजरिया और बड़ा किया है। अब वह सिर्फ अपने करियर के बारे में नहीं, बल्कि उस दुनिया के बारे में भी सोचती हैं जिसमें उनकी बेटी बड़ी होगी। ऋचा ने कहा कि मौजूदा दुनिया उन्हें डरावनी लगती है। उन्होंने खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाइमेट ाढाइसिस को लेकर चिंता जताई। वह सोचती हैं कि उनकी बेटी किताबें पढ़ेगी या नहीं, उसमें जिज्ञासा होगी या नहीं। हालांकि, वह अपनी बेटी पर किसी खास विचारधारा को थोपने के बजाय उसे अपने आस-पास की दुनिया देखकर खुद सोचने और अपनी राह चुनने देना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह बेटी को अथॉरिटी से डरना नहीं सिखाएंगी। एक्ट्रेस मजबूत महिला किरदारों के लिए जानी जाती हैं। बॉलीवुड में महिलाओं के किरदारों को लेकर बदलाव पर उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रहे काम से वह खुश हैं, लेकिन हर बार लेखन एक जैसा मजबूत नहीं होता। ऋचा का मानना है कि महिलाओं के बारे में महिलाएं जब लिखती हैं तो नजरिया कई बार ज्यादा बेहतर होता है। उन्होंने पुरुषों द्वारा लिखे गए प्रोग्रेसिव महिला किरदारों पर तंज कसते हुए कहा कि कई बार सिर्फ हाथ में शराब की बोतल पकड़ा देना ही प्रोग्रेसिव महिला दिखाने का तरीका बना दिया जाता है।
नई दिल्ली। मां बनने के बाद जिंदगी बदल जाती है, लेकिन ऋचा चड्ढा के लिए यह बदलाव सिर्फ इमोशनल नहीं था। ऋचा चड्ढा और अली फजल जुलाई 2024 में बेटी के माता-पिता बने थे। ऋचा चड्ढा की डिलीवरी नेचुरल थी। एक्ट्रेस ने खुलकर बताया कि नेचुरल डिलीवरी होने के बाद भी उन्हें अपने शरीर और सेहत को संभलने के लिए लंबा वक्त देना पड़ा। हाल ही में एक्ट्रेस ने कैमरे से दूरी बनाने के पीछे की वजह अब उन्होंने खुद बताई है। बेटी के जन्म से पहले ऋचा आखिरी बार संजय लीला भंसाली की सीरीज हीरामंडी: द डायमंड बाजार में नजर आई थीं। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक लिया और प्रोडक्शन पर ध्यान दिया। हाल ही में हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 से बात करते हुए उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी, डिलीवरी के दौरान आए हेल्थ ाढाइसिस और एक्टिंग से दूरी बनाने की असल वजह पर खुलकर बात की है। ऋचा ने बताया कि डिलीवरी के बाद उनका पूरा ध्यान खुद को संभालने और अपनी बेटी के साथ वक्त बिताने पर था। उन्होंने कहा कि वह उस समय कम नजर आना चाहती थीं और अपने लिए नेस्टिंग पीरियड चाहती थीं। हालांकि, मां बनने के कुछ ही महीनों बाद वह अली फजल के साथ अपनी प्रोडक्शन फिल्म गर्ल्स विल बी गर्ल्स को लेकर काफी बिजी हो गई थीं। ऋचा ने बताया कि फिल्म को प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने से लेकर रिलीज की तैयारी तक कई जिम्मेदारियां एक साथ उनके कंधों पर थीं। वह डील, रिलीज और दूसरे काम संभाल रही थीं। इसका असर उनकी सेहत पर भी पड़ा। एक्ट्रेस के मुताबिक, उन्हें आराम करना पड़ा और विटामिन्स लेने पड़े। ऋचा ने अपनी डिलीवरी के एक्सपीरियंस को भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि उनकी नेचुरल डिलीवरी हुई थी और इस दौरान काफी खून बह गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें रिकवर होने में उन्हें लंबा वक्त लगा। ऋचा ने यह भी बताया कि उस दौरान उनका दिमाग काफी फॉगी रहता था यानी चीजों पर फोकस करना उनके लिए आसान नहीं था। ऋचा के मुताबिक, ऐसे समय में बाहर जाकर काम करना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए शो पूरा किया। साथ ही अपनी सीरीज मुसाफिरी पर रिसर्च का काम भी किया। मुसाफिरी ऋचा की बनाई, लिखी, प्रोड्यूस और होस्ट की गई नॉन-फिक्शन सीरीज है। इसे वह मुंबई के लिए अपनी ‘लव लेटर और पोस्टपार्टम जर्नी का विस्तार मानती हैं। अब ऋचा दोबारा एक्टिंग की दुनिया में पूरी तरह लौटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि वह एक नई फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाली हैं।
उनके शब्दों में, इतने सारे काम एक साथ संभालने के दौरान काम की रफ्तार थोड़ी कम हो जाती है, लेकिन अब वह आगे लगातार काम करती नजर आएंगी। मां बनने के बाद ऋचा की सोच में आए बदलाव की बात करें तो उन्होंने बताया कि मदरहुड ने उनकी पेरिफेरल विजन यानी चीजों को देखने का नजरिया और बड़ा किया है। अब वह सिर्फ अपने करियर के बारे में नहीं, बल्कि उस दुनिया के बारे में भी सोचती हैं जिसमें उनकी बेटी बड़ी होगी। ऋचा ने कहा कि मौजूदा दुनिया उन्हें डरावनी लगती है। उन्होंने खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाइमेट ाढाइसिस को लेकर चिंता जताई। वह सोचती हैं कि उनकी बेटी किताबें पढ़ेगी या नहीं, उसमें जिज्ञासा होगी या नहीं। हालांकि, वह अपनी बेटी पर किसी खास विचारधारा को थोपने के बजाय उसे अपने आस-पास की दुनिया देखकर खुद सोचने और अपनी राह चुनने देना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह बेटी को अथॉरिटी से डरना नहीं सिखाएंगी। एक्ट्रेस मजबूत महिला किरदारों के लिए जानी जाती हैं। बॉलीवुड में महिलाओं के किरदारों को लेकर बदलाव पर उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रहे काम से वह खुश हैं, लेकिन हर बार लेखन एक जैसा मजबूत नहीं होता। ऋचा का मानना है कि महिलाओं के बारे में महिलाएं जब लिखती हैं तो नजरिया कई बार ज्यादा बेहतर होता है। उन्होंने पुरुषों द्वारा लिखे गए प्रोग्रेसिव महिला किरदारों पर तंज कसते हुए कहा कि कई बार सिर्फ हाथ में शराब की बोतल पकड़ा देना ही प्रोग्रेसिव महिला दिखाने का तरीका बना दिया जाता है।