सुप्रीम कोर्ट ने सेबी की एनएसई के खिलाफ याचिकाओं का निपटान किया
प्रकाशित: 04-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के खिलाफ दायर याचिकाओं का निपटान कर दिया। यह निपटान बाजार नियामक के एनएसई के साथ करीब 1,500 करोड़ रुपये के समझौते को मंजूरी दिए जाने के बाद किया गया है।
को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामले कुछ शेयर ब्रोकर को बाजार के आंकड़ें अन्य निवेशकों से कुछ पहले अनुचित एवं तरजीही रूप से मिलने के आरोपों से जुड़े हैं। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने प्रस्तावित समझौते का संज्ञान लेते हुए सेबी की याचिकाओं का निपटान कर दिया। एनएसई ने जुलाई में नियामक की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद काफी समय से लंबित को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों के निपटान के लिए 714.74 करोड़ रुपये सेबी को चुकाए थे। इन मामलों में कुल 1,491.21 करोड़ रुपये के समझौते पर सहमति बनी थी। एनएसई ने पहले 776.47 करोड़ रुपये जमा कराये थे। ताजा भुगतान के साथ संशोधित शर्तों के तहत निर्धारित 1,491.21 करोड़ रुपये की पूरी समझौता राशि का भुगतान हो गया है। एनएसई ने शुरुआत में 20 जून, 2025 को सेबी के समक्ष दो अलग-अलग समझौता आवेदन दायर किए थे।
को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामले कुछ शेयर ब्रोकर को बाजार के आंकड़ें अन्य निवेशकों से कुछ पहले अनुचित एवं तरजीही रूप से मिलने के आरोपों से जुड़े हैं। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने प्रस्तावित समझौते का संज्ञान लेते हुए सेबी की याचिकाओं का निपटान कर दिया। एनएसई ने जुलाई में नियामक की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद काफी समय से लंबित को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों के निपटान के लिए 714.74 करोड़ रुपये सेबी को चुकाए थे। इन मामलों में कुल 1,491.21 करोड़ रुपये के समझौते पर सहमति बनी थी। एनएसई ने पहले 776.47 करोड़ रुपये जमा कराये थे। ताजा भुगतान के साथ संशोधित शर्तों के तहत निर्धारित 1,491.21 करोड़ रुपये की पूरी समझौता राशि का भुगतान हो गया है। एनएसई ने शुरुआत में 20 जून, 2025 को सेबी के समक्ष दो अलग-अलग समझौता आवेदन दायर किए थे।