हरित व आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के नए युग की शुरुआत रेखा गुप्ता
प्रकाशित: 04-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण पहल शुरू कीं। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने डीटीसी के तेहखंड डिपो में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) का उद्घाटन किया। उन्होंने हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 50 नई शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही दिल्ली और रेवाड़ी के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की भी शुरुआत की गई। कार्पाम के दौरान मुख्यमंत्री ने डीटीसी की कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल समस्याओं की चर्चा करना नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी सहयोगियों को इन पहलों के लिए बधाई देते हुए कहा कि दिल्ली के परिवहन तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।? इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह, दक्षिणी दिल्ली से सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार को सेफ्टी, सस्टैनबिलिटी, सीमलेस कनेक्टिविटी, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर लगातार काम करना होगा। यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन सहित कई सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं। दिल्ली में बस नेटवर्क का विस्तार कर शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच संपर्क को और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय काम करने के बजाय काम की फा और फा का पा अधिक किया जाता था। लंबे समय तक डीटीसी कर्ज में रहा, कर्मचारी परेशान रहे और ड्राइवर, कंडक्टर और अधिकारियों की समस्याएं उलझी रहीं। दिल्ली की जनता लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती रही, लेकिन वर्तमान सरकार के करीब डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में दिल्ली ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है।
नई दिल्ली। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण पहल शुरू कीं। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने डीटीसी के तेहखंड डिपो में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) का उद्घाटन किया। उन्होंने हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 50 नई शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही दिल्ली और रेवाड़ी के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की भी शुरुआत की गई। कार्पाम के दौरान मुख्यमंत्री ने डीटीसी की कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल समस्याओं की चर्चा करना नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी सहयोगियों को इन पहलों के लिए बधाई देते हुए कहा कि दिल्ली के परिवहन तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।? इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह, दक्षिणी दिल्ली से सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार को सेफ्टी, सस्टैनबिलिटी, सीमलेस कनेक्टिविटी, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर लगातार काम करना होगा। यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन सहित कई सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं। दिल्ली में बस नेटवर्क का विस्तार कर शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच संपर्क को और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय काम करने के बजाय काम की फा और फा का पा अधिक किया जाता था। लंबे समय तक डीटीसी कर्ज में रहा, कर्मचारी परेशान रहे और ड्राइवर, कंडक्टर और अधिकारियों की समस्याएं उलझी रहीं। दिल्ली की जनता लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती रही, लेकिन वर्तमान सरकार के करीब डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में दिल्ली ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है।