आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने किया महापौर कार्यालय पर जमकर हंगामा
प्रकाशित: 04-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कृष्ण देव पाठक
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने वीरवार को निगम की अनुसूचित जाति कल्याण समिति के चुनाव को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए महापौर कार्यालय पर जमकर हंगामा किया इस दौरान पार्षदों ने खुलकर नारेबाजी करी एक पार्षद ने तो अपनी शर्ट तक उतार गनीमत यह रही की स्थिति कई बार नियंत्रण से बाहर होने के बावजूद कोई अप्रिय घटना होने से बच गई महापौर प्रवेश वाही के समझाने का भी पार्षदों पर कोई असर नहीं हुआ जबकि वह बार-बार समझा रहे थे कि चुनाव प्रािढया शुरू हो जाने के बाद उसे बीच में बाधित नहीं किया जा सकता लेकिन आप पार्षद अपनी बात पर खड़े रहे जबकि महत्वपूर्ण बात यह थी की आम आदमी पार्टी के द्वारा इस समिति के चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन के लिए नामांकन भी नहीं भरा गया था।
निगम मुख्यालय में इस समिति की चुनाव प्रािढया शुरू होने पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर भाजपा के विकास और ममता के ही नामांकन होने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया इस दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षद यह कहते हुए वहां पहुंचे कि चुनाव समय से 10 मिनट पहले कर दिया गया उनके विरोध पर वहां कहा गया कि चुनाव सही समय पर हुआ है और जब अपने नामांकन ही नहीं कर तो अब इस समय आपत्ति का कोई मतलब नहीं रह जाता जिससे नाराज आम आदमी पार्टी के पार्षद महापौर कार्यालय पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश करी तो उनके साथ भी झड़ते हुए और कई बार स्थिति अप्रिय होते होते बची।
इस बाबत एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि । अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति का चुनाव अपराह्न 3 बजे होना निर्धारित था, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी ने नियमों और लोकतांत्रिक प्रािढया की धज्जियां उड़ाते हुए चुनाव 2:50 बजे ही करा दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा के इसी दलित विरोधी और अलोकतांत्रिक रवैये के खिलाफ आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने भाजपा महापौर कार्यालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी की मांग है कि इस चुनाव को तत्काल रद्द किया जाए और अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति में सदस्यों की संख्या 21 से बढ़ाकर पुन 35 की जाए, ताकि समिति का गठन निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से हो सके।
अंकुश नारंग ने कहा कि तदर्थ समिति चुनाव के दौरान भाजपा शासित एमसीडी ने अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति में अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के उद्देश्य से समिति में दलित सदस्यों की संख्या 35 से घटाकर मात्र 21 कर दी। भाजपा के इस कदम के विरोध में आम आदमी पार्टी ने दलित समाज के प्रतिनिधित्व को कम करने की कोशिश के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि सदस्यों की संख्या कम करने के खिलाफ उन्होंने एमसीडी को पत्र भी लिखा था और इस चुनाव को टालने का आग्रह किया था। उन्होंने मांग की थी कि दलित सदस्यों की संख्या पुन 21 से बढ़ाकर 35 किया जाए, इसके बाद चुनाव कराया जाए। लेकिन भाजपा ने मनमानी करते हुए चुनाव करा दिया। अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन सरकार की दलित विरोधी मानसिकता आज एक बार फिर पूरी दिल्ली के सामने आ गई। भाजपा महापौर प्रवेश वाही ने दलित पार्षदों और दिल्ली के दलित समाज के अधिकारों को कुचलते हुए चुनाव कराया। दलित पार्षद अपने हक और अधिकारों की लड़ाई के लिए भाजपा महापौर के सामने डटे रहे। दिल्ली के दलितों के अधिकारों के लिए वे हर संघर्ष करने को तैयार हैं। दलितों का हक छीनने वाली भाजपा की इस तानाशाही के खिलाफ आम आदमी पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने वीरवार को निगम की अनुसूचित जाति कल्याण समिति के चुनाव को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए महापौर कार्यालय पर जमकर हंगामा किया इस दौरान पार्षदों ने खुलकर नारेबाजी करी एक पार्षद ने तो अपनी शर्ट तक उतार गनीमत यह रही की स्थिति कई बार नियंत्रण से बाहर होने के बावजूद कोई अप्रिय घटना होने से बच गई महापौर प्रवेश वाही के समझाने का भी पार्षदों पर कोई असर नहीं हुआ जबकि वह बार-बार समझा रहे थे कि चुनाव प्रािढया शुरू हो जाने के बाद उसे बीच में बाधित नहीं किया जा सकता लेकिन आप पार्षद अपनी बात पर खड़े रहे जबकि महत्वपूर्ण बात यह थी की आम आदमी पार्टी के द्वारा इस समिति के चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन के लिए नामांकन भी नहीं भरा गया था।
निगम मुख्यालय में इस समिति की चुनाव प्रािढया शुरू होने पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर भाजपा के विकास और ममता के ही नामांकन होने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया इस दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षद यह कहते हुए वहां पहुंचे कि चुनाव समय से 10 मिनट पहले कर दिया गया उनके विरोध पर वहां कहा गया कि चुनाव सही समय पर हुआ है और जब अपने नामांकन ही नहीं कर तो अब इस समय आपत्ति का कोई मतलब नहीं रह जाता जिससे नाराज आम आदमी पार्टी के पार्षद महापौर कार्यालय पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश करी तो उनके साथ भी झड़ते हुए और कई बार स्थिति अप्रिय होते होते बची।
इस बाबत एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि । अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति का चुनाव अपराह्न 3 बजे होना निर्धारित था, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी ने नियमों और लोकतांत्रिक प्रािढया की धज्जियां उड़ाते हुए चुनाव 2:50 बजे ही करा दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा के इसी दलित विरोधी और अलोकतांत्रिक रवैये के खिलाफ आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने भाजपा महापौर कार्यालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी की मांग है कि इस चुनाव को तत्काल रद्द किया जाए और अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति में सदस्यों की संख्या 21 से बढ़ाकर पुन 35 की जाए, ताकि समिति का गठन निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से हो सके।
अंकुश नारंग ने कहा कि तदर्थ समिति चुनाव के दौरान भाजपा शासित एमसीडी ने अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति में अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के उद्देश्य से समिति में दलित सदस्यों की संख्या 35 से घटाकर मात्र 21 कर दी। भाजपा के इस कदम के विरोध में आम आदमी पार्टी ने दलित समाज के प्रतिनिधित्व को कम करने की कोशिश के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि सदस्यों की संख्या कम करने के खिलाफ उन्होंने एमसीडी को पत्र भी लिखा था और इस चुनाव को टालने का आग्रह किया था। उन्होंने मांग की थी कि दलित सदस्यों की संख्या पुन 21 से बढ़ाकर 35 किया जाए, इसके बाद चुनाव कराया जाए। लेकिन भाजपा ने मनमानी करते हुए चुनाव करा दिया। अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन सरकार की दलित विरोधी मानसिकता आज एक बार फिर पूरी दिल्ली के सामने आ गई। भाजपा महापौर प्रवेश वाही ने दलित पार्षदों और दिल्ली के दलित समाज के अधिकारों को कुचलते हुए चुनाव कराया। दलित पार्षद अपने हक और अधिकारों की लड़ाई के लिए भाजपा महापौर के सामने डटे रहे। दिल्ली के दलितों के अधिकारों के लिए वे हर संघर्ष करने को तैयार हैं। दलितों का हक छीनने वाली भाजपा की इस तानाशाही के खिलाफ आम आदमी पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी।