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तीन काले कृषि कानून पास करने की शर्त पर अकाली दल से समझौता करने जा रही है भाजपा : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

प्रकाशित: 04-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
संगरूर, (पवन आश्री)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भाजपा-अकाली दल गठबंधन पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा तीन काले कृषि कानूनों को वापस लाने की शर्त पर अकाली दल से समझौता करने की तैयारी कर रही है, जबकि इन कानूनों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 750 किसानों की जानें गई थीं। उन्होंने कहा कि अकाली दल सियासी कुर्सी के लिए पंजाब में कुछ भी बेचने को तैयार है, जबकि पंजाबी अपने शहीद किसानों के शवों के ऊपर से गुजर कर भाजपा को कभी वोट नहीं देंगे।मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा वोट हासिल करने के लिए सांप्रदायिक एजेंडा इस्तेमाल कर रही है और पंजाब यूनिवर्सिटी के चुनावों में इसकी जीत, जो अकाली दल के समर्थन से हुई है, ने दोनों पार्टियों के बीच की मिलीभगत को उजागर कर दिया है। इस राजनीति की तुलना अपनी सरकार के प्रदर्शन से करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, बिजली, पानी और सड़कों के क्षेत्र में तेजी से हो रहे कामों से पंजाब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। 'लोक मिलनी' के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने प्रदेश के हितों के विपरीत विरोधी ताकतों से हाथ मिलाकर हमेशा पंजाब विरोधी रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अकाली-भाजपा गठबंधन महज सियासी फायदे के लिए बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "अकाली सत्ता की खातिर भाजपा से हाथ मिलाने को तैयार हैं, इस तथ्य के बावजूद कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की शहादत के लिए जिम्मेदार थी। यह दर्शाता है कि अकाली नेतृत्व के पास कोई विचारधारा नहीं बची है और वह सत्ता के लिए पंजाब के हितों से समझौता करने को तैयार है।
मुख्यमंत्री ने लोगों को चेतावनी दी कि अगर अकाली-भाजपा गठबंधन सत्ता में आता है तो वह किसानों पर फिर से काले कृषि कानून थोप सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विधान सभा चुनावों से पहले शिरोमणि अकाली दल का नेतृत्व भाजपा से गठबंधन करने के लिए बेताब है। उन्होंने कहा, अकाली-भाजपा गठबंधन की कोई विचारधारा नहीं है और जन कल्याण का कोई एजेंडा नहीं है। इसका एकमात्र मकसद पंजाब में सत्ता हासिल करना है। पंजाब के लोग इन पार्टियों के सियासी ड्रामों में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे।उन्होंने कहा, पंजाबी अकालियों और भाजपा को पंजाब और इसके लोगों के खिलाफ किए गए अपराधों के कारण सियासी गुमनामी में भेज देंगे। इस 'लोक मिलनी' में लोगों की भारी मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पंजाबी 2027 में एक नई कहानी लिखने के लिए तैयार हैं।
2022 में पद संभालने के बाद अपनी सरकार द्वारा किए गए कामों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया है और बिजली, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सुधार लागू किए हैं। उन्होंने कहा, "आज साढ़े चार साल बाद मैं लोगों से किया हर वादा पूरा करने और सभी गारंटियां निभाने के बाद लोगों के सामने खड़ा हूं। पिछली सरकारों के शासन के दौरान लोग डर के माहौल में जीते थे, जबकि नशे ने पंजाब की पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया।
विरोधी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग कांग्रेस, अकाली और भाजपा को उनकी पंजाब विरोधी नीतियों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और 2027 के विधान सभा चुनावों में उन्हें राजनीतिक गुमनामी में धकेल देंगे। उन्होंने कहा कि ये पारंपरिक सियासी पार्टियां सत्ता में रहते हुए हमेशा एक-दूसरे के हितों की रक्षा करती रही हैं और राज करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए "उतर काटो मैं चढ़ां" की खेल खेलती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनकी आपसी मिलीभगत ने यह सुनिश्चित किया कि इनके कुकर्म छिपे रहें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अब लोगों ने आप को चुना है और झाड़ू पंजाब की सियासी व्यवस्था की सफाई कर रहा है।