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रूस में संसदीय चुनाव का अंतिम दिन, ऑनलाइन वोटिंग पर साइबर हमले

प्रकाशित: 21-09-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
रूस में संसदीय चुनाव का अंतिम दिन, ऑनलाइन वोटिंग पर साइबर हमले
रूस में 18 से 20 सितंबर तक राज्य ड्यूमा के तीन दिवसीय संसदीय चुनाव चल रहे हैं। आज रविवार अंतिम दिन है। ये चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद पहली बार संसद के लिए हो रहे हैं। 450 सीटों वाली निचली सदन में आधी सीटें पार्टी सूची से और आधी एकल सदस्यीय क्षेत्रों से भरी जाएंगी। लगभग 11.1 करोड़ पात्र मतदाता हैं।
सत्ताधारी दल यूनाइटेड रशिया को फिर बहुमत मिलने की व्यापक उम्मीद है। कम्युनिस्ट पार्टी, एलडीपीआर, जस्ट रशिया और न्यू पीपल जैसी “प्रणालीगत विपक्षी” पार्टियां भी मैदान में हैं, जो प्रमुख मुद्दों पर सरकार के साथ चलती रही हैं। युद्ध विरोधी रुख रखने वाली याब्लोको पार्टी को पार्टी सूची से बाहर कर दिया गया था। कुछ उम्मीदवार एकल क्षेत्रों में लड़ रहे हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे युद्ध के समर्थन का जनमत बताया है। उन्होंने खुद क्रेमलिन से इलेक्ट्रॉनिक वोट डाला।
मतदान 11 समय क्षेत्रों में फैला है। 33 क्षेत्रों में दूरस्थ इलेक्ट्रॉनिक मतदान (डीईजी) उपलब्ध है। करीब 40 लाख लोगों ने ऑनलाइन वोट के लिए पंजीकरण कराया था। मास्को की अलग प्लेटफॉर्म पर भी मतदान हो रहा है। कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों— लुहान्स्क, ज़ापोरिज़िया, खेरसॉन और क्रीमिया—में भी मतदान कराया गया, जिसे कीव और पश्चिमी देश अवैध मानते हैं।
चुनाव के दूसरे दिन अधिकारियों ने ऑनलाइन मतदान प्रणाली पर साइबर हमलों की सूचना दी। केंद्रीय चुनाव आयोग की अध्यक्ष एल्ला पामफिलोवा ने कहा कि मास्को की इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली पूरी रात शक्तिशाली और लगातार हमले की चपेट में रही। हमले जारी रहे, लेकिन व्यवस्था सामान्य चल रही है और मतदाताओं को असर महसूस नहीं हुआ। डिजिटल मंत्रालय ने सुदूर पूर्व में संचार लाइनों पर तोड़फोड़ की कोशिश बताई, जिसे विफल कर दिया गया। पुतिन ने बिना सबूत यूक्रेन पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया। स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पहले दिन मतदान प्रतिशत करीब 30 प्रतिशत रहा। दूसरे दिन दोपहर तक यह 32-33 प्रतिशत के आसपास था। अंतिम दिन सुबह तक कुल मतदान लगभग 45 प्रतिशत पहुंच गया। ऑनलाइन पंजीकृत मतदाताओं में से बड़ी संख्या पहले ही वोट डाल चुकी है। प्रारंभिक आंशिक परिणाम रविवार शाम बाद आने की उम्मीद है। पूर्ण नतीजे कुछ दिन बाद घोषित हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक इन चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं मानते। विपक्ष को सीमित रखा गया, पर्यवेक्षकों पर दबाव और मतदाताओं पर जबरदस्ती की शिकायतें आईं। क्रेमलिन इसे जनसमर्थन का प्रमाण बताएगा, जबकि आलोचक इसे युद्धकाल में नियंत्रण मजबूत करने का औपचारिक अभ्यास कहते हैं। मतदान केंद्र आज स्थानीय समय के अनुसार शाम तक खुले रहेंगे। रूस की नई संसद अगले पांच वर्षों तक कानून बनाएगी और युद्ध नीति को वैधता देगी।
-आदित्य नरेन्द्र