वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

नृत्य ने मुझे और अधिक भावपूर्ण बनाया: करिश्मा

प्रकाशित: 07-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नृत्य ने मुझे और अधिक भावपूर्ण बनाया: करिश्मा
मुंबई, (भाषा)। बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने कहा कि नृत्य ने उन्हें न केवल हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में स्थापित किया, बल्कि एक कलाकार के रूप में भी अधिक भावपूर्ण बनने में अहम भूमिका निभाई।इक्यावन वर्षीय अभिनेत्री इन दिनों टेलीविजन के डांस रियलिटी शो इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 में निर्णायक के रूप में नजर आ रही हैं। करिश्मा ने 1990 के दशक में ले गई , सोना कितना सोना है , मैं तो रास्ते से जा रहा था और हुस्न है सुहाना जैसे लोकप्रिय गीतों में अपने ऊर्जावान और भावपूर्ण नृत्य से खास पहचान बनाई थी।करिश्मा ने कहा, एक नृत्यांगना के लिए भावों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करना बहुत जरूरी होता है। तभी उसे अच्छी नृत्यांगना माना जाता है। नृत्य केवल यांत्रिक गतिविधि नहीं है, इसलिए किसी भी नृत्य शैली में भावों की अभिव्यक्ति बेहद अहम होती है। करिश्मा ने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा, नृत्य ने मेरे करियर में काफी मदद की, खासकर भावों को व्यक्त करने, गीतों और अभिनय में। नृत्य ने भले ही उन्हें लोकप्रियता दिलाई हो, पर करिश्मा फिज़ा और जुबैदा जैसी फिल्मों को एक अभिनेत्री के तौर पर अपने अभिनय कौशल के विस्तार को साबित करने का श्रेय देती हैं। उन्होंने कहा, फिजा , जुबैदा , शक्ति और बीवी नंबर। जैसी फिल्में भी मेरे सफर का अभिन्न हिस्सा हैं। इन फिल्मों ने साबित किया कि मैं दोनों तरह की भूमिकाएं निभा सकती हूं। ये सभी फिल्में मेरे दिल के बेहद करीब हैं। करिश्मा ने बॉलीवुड में अपने नृत्य को संवारने का श्रेय दिवंगत कोरियोग्राफर सरोज खान को भी दिया।उन्होंने कहा, सरोज खान जी मेरी गुरु थीं। मैं उनसे नृत्य सीखने के लिए जाया करती थी और वह मुझे प्रशिक्षण देती थीं। वह मुझे माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के गीत तम्मा तम्मा पर बॉलीवुड के लिए नृत्य सिखाती थीं। उस समय वह उसी गीत की कोरियोग्राफी कर रही थीं और अपनी टीम से कहती थीं, यह मेरा नया गाना है, इसे यही गाना सिखाओ। फिल्म दिल तो पागल है में माधुरी दीक्षित नेने के साथ अपने नृत्य का जिक्र करते हुए करिश्मा ने कहा कि यह उनके करियर के सबसे क"िन गीत दृश्यों में से एक था। इंडियाज बेस्ट डांसर में निर्णायक के तौर पर करिश्मा ने कहा कि उन्हें युवा प्रतिभाओं को देखना पसंद है और उन्होंने यह भी जोड़ा कि रियलिटी टीवी पर पिछले कुछ वर्षों में नृत्य का स्वरूप काफी विकसित हुआ है। जून से सोनी लिव और सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर शुरू हुए इस डांस शो में गीता कपूर, टेरेंस लुईस और जावेद जाफरी के साथ करिश्मा भी निर्णायक की भूमिका में हैं।