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हरियाणा में सरपट दौड़ी सुधारों की ट्रेन ः अनुराग रस्तोगी

प्रकाशित: 24-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। हरियाणा में कारोबार और निवेश बढ़ाने के मकसद से नियामकीय प्रािढयाओं को सरल बनाने तथा अनुपालन का बोझ कम करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। राज्य में अनुपालन को कम से कम करने और डीरेगुलेशन अभियान के तहत 8 प्राथमिक क्षेत्रों में सुधार लागू किए जा चुके हैं, जबकि 14 अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में सुधारों की प्रािढया जारी है। इन्हें अगले माह तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सुधारों का उद्देश्य अनावश्यक प्रािढयाओं, दोहराव वाले अनुमोदनों और अतिरिक्त अनुपालनों को समाप्त कर नागरिकों, उद्यमियों तथा निवेशकों के लिए सेवाओं को अधिक सरल और त्वरित बनाना है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव श्री टी. वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में अनुपालन न्यूनीकरण एवं डीरेगुलेशन अभियान के चरण-1 एवं 2 की प्रगति की समीक्षा के बाद हरियाणा की स्थिति की जानकारी दी। राज्य के सुधार एजेंडा में भूमि विनियमन, निर्माण, उपयोगिताओं, औद्योगिक विकास, बिजली, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नियामकीय प्रािढयाओं को सरल बनाने के लिए चिकित्सा व्यवसायियों के पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) संबंधी आवश्यकताओं को सरल करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित लाइसेंस के लिए एकल नोडल व्यवस्था विकसित की जा रही है। साथ ही, स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से संबंधित सेवाओं को इन्वेस्ट हरियाणा पोर्टल के साथ एकीकृत करने का भी प्रस्ताव है। इससे विभिन्न विभागों के स्तर पर होने वाली प्रािढयाओं को एक सुव्यवस्थित तौर पर संचालित करने में सहायता मिलेगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग ने बताया कि व्यवसायों के लिए दोहरी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने के हरियाणा के प्रस्ताव को डीरेगुलेशन सेल द्वारा सहमति एवं स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले एक जैसे अथवा ओवरलैपिंग लाइसेंस, अनुमोदन, एनओसी और परमिट को समाप्त कर व्यवसायों पर अनावश्यक अनुपालन का बोझ कम करना है। राज्य में दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से संबंधित नियमों को भी अधिक सरल बनाया जा रहा है। हरियाणा दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान व्यवस्था के तहत पहले ही एकमुश्त पंजीकरण किया जा चुका है। इसके अलावा, अनुपालन को और सरल बनाने तथा कारोबार को सुगम बनाने के लिए अन्य आवश्यक उपाय भी किए जा रहे हैं।