भारतीय हॉकी के गौरवशाली क्षण
प्रकाशित: 15-09-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
भारतीय हॉकी के लिए सितंबर 2026 का महीना ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। चीन में आयोजित एशियाई जूनियर हॉकी कप में भारतीय पुरुष और महिला जूनियर टीमों ने खिताब जीतकर यह साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी का भविष्य केवल उम्मीदों पर नहीं, बल्कि मजबूत प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी क्षमता पर खड़ा है। एक ही प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों टीमों का चैंपियन बनना भारतीय हॉकी के लिए विशेष महत्व रखता है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जूनियर स्तर की सफलता ही आने वाले वर्षों में सीनियर राष्ट्रीय टीम की ताकत और निरंतरता का आधार तैयार करती है। भारतीय महिला जूनियर टीम ने फाइनल में मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप अपने नाम किया। मुकाबला बेहद करीबी रहा और भारत ने पूरे मैच में धैर्य, अनुशासन और रक्षात्मक मजबूती का परिचय दिया। मैच का एकमात्र निर्णायक गोल 17वें मिनट में सानिका चंद्रकांत माने ने किया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने चीन के लगातार दबाव के बावजूद अपनी बढ़त को कायम रखा। फाइनल में केवल एक गोल से जीत यह भी बताती है कि शीर्ष स्तर पर मुकाबले कितने कठिन हो चुके हैं और ऐसे अवसरों पर तकनीक के साथ मानसिक मजबूती कितनी महत्वपूर्ण हो जाती है। महिला टीम की लगातार तीसरी खिताबी सफलता को भारतीय हॉकी में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। यह महज एक प्रतियोगिता जीतना नहीं है, बल्कि उस निरंतरता का प्रमाण है जो किसी भी खेल शक्ति के निर्माण के लिए आवश्यक होती है। भारत ने यह दिखाया है कि महिला हॉकी में प्रतिभाओं की नई पीढ़ी तैयार हो रही है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का पर्याप्त अनुभव और आत्मविश्वास मिल रहा है। इस जीत का एक और बड़ा महत्व है कि भारतीय महिला टीम ने एफआईएच जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। यानी एशियाई स्तर पर मिली सफलता अब विश्व मंच पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर लेकर आई है। पुरुष जूनियर टीम ने भी फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया। भारत की ओर से अजीत यादव, कप्तान अनमोल इक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित की। चार गोल की यह आाढामक सफलता बताती है कि भारतीय टीम ने फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में भी आाढामक हॉकी खेलने का साहस और क्षमता दिखाई।
-वीरेंद्र कुमार जाटव,
नई दिल्ली।
-वीरेंद्र कुमार जाटव,
नई दिल्ली।