जय अंबे कंपनी के खिलाफ बड़ा आंदोलन
प्रकाशित: 24-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
शहडोल /बटुरा/रामपुर (वीअ) । जय अंबे कंपनी रामपुर बटुरा मेगाप्रोजेक्ट में ओवर बर्डन हटाने के काम में लगी आउट सोर्सिंग कंपनी के खिलाफ कर्मचारियों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है।
कंपनी के अड़ियल रवैये और एसईसीएलन के कथित ढुलमुल रवैये से आाढाsशित सैकड़ों कर्मचारियों ने काम ठप्प कर भीषण आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का स़ाफ कहना है कि अब वादों और छलावे का समय खत्म हो चुका है, अधिकार मिलने तक यह जंग जारी रहेगी।
कर्मचारियों का आरोप है कि हाई पावर कमेटी दर पर वेतन देने की मांग को लेकर पूर्व में भी पुरजोर आंदोलन किया गया था। उस समय प्रबंधन और जिम्मेदारों ने चंद दिनों के भीतर मांग पूरी करने का मीठा आश्वासन देकर आंदोलन को स्थगित करा दिया था,लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कंपनी लगातार अपने वादे से मुकर रही है और कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने खुलकर भड़ास निकालते हुए कहा कि जय अंबे कंपनी कर्मचारियों का शोषण कर रही है, वहीं मुख्य प्रबंधन एसईसीएल मूकदर्शक बनकर इस पूरे खेल को देख रहा है। "कंपनी का छलावा और एसईसीएल का धोखा" अब श्रमिकों के लिए असहनीय हो चुका है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उचित पारिश्रमिक न मिलने के कारण श्रमिकों में जबरदस्त आाढाsश है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक प्झ्ण् रेट लागू करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक मेगाप्रोजेक्ट में ओवर बर्डन का काम पूरी तरह से ठप्प रहेगा।
यदि प्रबंधन ने दमनकारी नीति अपनाने की कोशिश की, तो इस उग्र आंदोलन की आंच दूर तक जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जय अंबे कंपनी और एसईसीएल प्रशासन की होगी। साइट पर भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, लेकिन श्रमिकों के बुलंद हौसलों के आगे प्रबंधन बेबस नजर आ रहा है।
कंपनी के अड़ियल रवैये और एसईसीएलन के कथित ढुलमुल रवैये से आाढाsशित सैकड़ों कर्मचारियों ने काम ठप्प कर भीषण आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का स़ाफ कहना है कि अब वादों और छलावे का समय खत्म हो चुका है, अधिकार मिलने तक यह जंग जारी रहेगी।
कर्मचारियों का आरोप है कि हाई पावर कमेटी दर पर वेतन देने की मांग को लेकर पूर्व में भी पुरजोर आंदोलन किया गया था। उस समय प्रबंधन और जिम्मेदारों ने चंद दिनों के भीतर मांग पूरी करने का मीठा आश्वासन देकर आंदोलन को स्थगित करा दिया था,लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कंपनी लगातार अपने वादे से मुकर रही है और कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने खुलकर भड़ास निकालते हुए कहा कि जय अंबे कंपनी कर्मचारियों का शोषण कर रही है, वहीं मुख्य प्रबंधन एसईसीएल मूकदर्शक बनकर इस पूरे खेल को देख रहा है। "कंपनी का छलावा और एसईसीएल का धोखा" अब श्रमिकों के लिए असहनीय हो चुका है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उचित पारिश्रमिक न मिलने के कारण श्रमिकों में जबरदस्त आाढाsश है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक प्झ्ण् रेट लागू करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक मेगाप्रोजेक्ट में ओवर बर्डन का काम पूरी तरह से ठप्प रहेगा।
यदि प्रबंधन ने दमनकारी नीति अपनाने की कोशिश की, तो इस उग्र आंदोलन की आंच दूर तक जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जय अंबे कंपनी और एसईसीएल प्रशासन की होगी। साइट पर भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, लेकिन श्रमिकों के बुलंद हौसलों के आगे प्रबंधन बेबस नजर आ रहा है।