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रेलवे स्टेशनों एवं रेलवे कॉलोनियों में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जल आपूर्ति व्यवस्था के उन्नयन हेतु बहुआयामी पहल

प्रकाशित: 22-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। भारतीय रेल द्वारा जल अवसंरचना एवं सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने संबंधी निर्देशों के अनुरूप, उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने रेलवे स्टेशनों, कार्यस्थलों तथा रेलवे आवासीय कॉलोनियों में जलापूर्ति प्रणालियों के व्यापक उन्नयन हेतु एक विशेष अभियान प्रारंभ किया है। इस अभियान का उद्देश्य पारंपरिक अंतिम-बिंदु (एंड-पॉइंट) परीक्षण से आगे बढ़कर यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित तथा स्वास्थ्यकर पेयजल उपलब्ध कराना है। निर्धारित कार्पाम के अनुसार जल भंडारण एवं निस्पंदन (फिल्ट्रेशन) टैंकों की व्यापक सफाई तथा अवसंरचना उन्नयन का कार्य किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी जल भंडारण टैंक उपयुक्त ढक्कनों एवं संरक्षित वेंट्स से सुसज्जित हों, जिससे बाहरी प्रदूषण को रोका जा सके। संपूर्ण जल वितरण नेटवर्क में रिसाव की गहन जांच की जा रही है।
क्षतिग्रस्त पाइपों, नलों एवं वाल्वों की तत्काल मरम्मत एवं प्रतिस्थापन किया जा रहा है ताकि रिसाव को रोका जा सके तथा जल की हानि को न्यूनतम किया जा सके। पेयजल आपूर्ति प्रणाली तथा गैर-पेयजल उपयोगिता लाइनों के बीच पूर्ण पृथक्करण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार के ाढा@स-कंटैमिनेशन की संभावना समाप्त हो सके। स्टेशन परिसरों में स्थापित वाटर कूलरों एवं वाटर वेंडिंग मशीनों (डब्ल्यू.वी.एम.) से संबद्ध आर.ओ. शुद्धिकरण इकाइयों में लगे फिल्टर कैंडल/कार्ट्रिज की नियमित सर्विसिंग, ओवरहॉलिंग तथा आवश्यकता अनुसार प्रतिस्थापन किया जा रहा है।
स्टेशनों पर स्थित वाटर कूलरों एवं यात्रियों के लिए जल वितरण केंद्रों के आसपास स्वच्छता एवं रखरखाव अभियान अनिवार्य रूप से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में शत-प्रतिशत स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।